मुश्किलों के बीच पढ़ाई का सपना, रागिनी की मदद को पहुंचे डीएम

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मुश्किलों के बीच पढ़ाई का सपना, रागिनी की मदद को पहुंचे डीएम


बलिया, 02 सितंबर (हि.स.)। बलिया जिले के मनियर ब्लॉक के दिघेड़ा ग्रामसभा के रानीपुर गांव की सात वर्षीय रागिनी इन दिनों एक पैर से जिंदगी की मुश्किलों का सामना कर रही है। शारीरिक परेशानी के बावजूद उसके मन में पढ़ने और स्कूल जाने का जज्बा है। सोशल मीडिया पर उसकी गुहार का असर हुआ है। बुधवार को डीएम एमपी सिंह ने मासूम रागिनी को ट्राई साइकिल दिया।

रागिनी प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा में कक्षा एक की छात्रा है। उसके घर से उसका विद्यालय करीब चार सौ मीटर है। लेकिन एक दुर्घटना में एक पैर खराब होने के चलते रागिनी को स्कूल जाने में परेशानी होती है। उसकी इसी परेशानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बच्ची की स्थिति की जानकारी होने पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसके गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उसकी समस्याओं की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने रागिनी की मां बबीता देवी और दादा जी से बातचीत कर बच्ची की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने रागिनी से भी आत्मीयता से बातचीत की और उसकी जरूरतों तथा पढ़ाई के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने बच्ची को अपने हाथों से पढ़ाई के लिए किताबें और अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की। रागिनी के स्कूल आने-जाने में परेशानी को देखते हुए जिलाधिकारी ने उसे दो ट्राईसाइकिल भी उपलब्ध कराई। इससे बच्ची को विद्यालय आने-जाने में काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

इस दौरान जिलाधिकारी ने रागिनी की मां बबीता देवी को बताया कि परिवार में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि रागिनी की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। सरकार की ओर से उपलब्ध सभी जरूरी सुविधाएं और हर संभव सहायता बच्ची को दिलाई जाएगी। जिलाधिकारी ने रागिनी की मेडिकल जांच कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्ची के पैर की समस्या का उचित उपचार कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा, ताकि उसके स्वास्थ्य में सुधार हो सके और वह सामान्य जीवन की ओर बढ़ सके। वहीं, रागिनी के गांव की खराब सड़क की स्थिति देखकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सड़क की स्थिति में जल्द सुधार कराने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क की मरम्मत शीघ्र कराई जाएगी।

जिलाधिकारी की इस पहल से रागिनी और उसके परिवार में खुशी का माहौल है। प्रशासन की संवेदनशीलता से न सिर्फ बच्ची को पढ़ाई जारी रखने का हौसला मिला है, बल्कि उसके बेहतर भविष्य की उम्मीद भी जगी है। उन्होंने दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को निर्देश दिए कि इस गांव में दिव्यांजनों के लिए कैम्प लगाए और दिव्यांगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इस पर सीएमओ डॉ. अभय कुमार राय, बीएसए मनीष कुमार सिंह, डीपीआरओ एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी

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