दलहन, तिलहन और श्रीअन्न जैसी फसलों को भी कृषि चक्र में शामिल करें किसान : सूर्यप्रताप शाही

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दलहन, तिलहन और श्रीअन्न जैसी फसलों को भी कृषि चक्र में शामिल करें किसान : सूर्यप्रताप शाही


बलिया, 28 अक्टूबर (हि.स.)। बलिया में कृषि सूचना तंत्र योजना के अंतर्गत बाबू मैनेजर सिंह कृषि विज्ञान केंद्र, सोहांव में बुधवार को कृषि मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि के आधुनिकीकरण, किसानों की आय बढ़ाने, दलहन-तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करने तथा श्रीअन्न (मिलेट्स) के उत्पादन का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस दौरान कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने किसानों को दलहनी एवं तिलहनी फसलों की मिनी किट वितरित कर उन्हें पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कृषि मेले में किसानों को खेती की आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीजों के उपयोग, फसल विविधीकरण और कृषि उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई। कृषि मंत्री शाही ने कहा कि बदलते समय में खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए किसानों को नई तकनीकों के साथ-साथ कम लागत में बेहतर उत्पादन देने वाली कृषि पद्धतियों को अपनाना होगा। दलहन और तिलहन की खेती का विस्तार न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक हो सकता है, बल्कि इन फसलों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने, उन्नत कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने और किसानों को बेहतर उत्पादन के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों को खेती में समय के साथ बदलाव करना होगा। एक ही तरह की फसल पर निर्भर रहने के बजाय दलहन, तिलहन और श्रीअन्न जैसी फसलों को भी कृषि चक्र में शामिल करना चाहिए। इससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अपनी जरूरतों तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेती की नई संभावनाएं मिलेंगी।

कृषि मंत्री ने किसानों को दलहन एवं तिलहन की मिनी किट वितरित करते हुए कहा कि इस तरह की पहल का उद्देश्य किसानों को इन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कृषि विकास में किसानों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए आधुनिक कृषि तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि किसानों को कृषि से जुड़ी नवीनतम जानकारियों से जोड़ने के लिए कृषि मेले जैसे आयोजन उपयोगी साबित होते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को उन्नत खेती के तरीकों को समझने और उन्हें अपने खेतों में अपनाने की प्रेरणा मिलती है। इस दौरान सभी किसानों को अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। अतिथियों का स्वागत पूर्व मंत्री नारद राय ने किया।

गांवों की समृद्धि से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था : ओमप्रकाश राजभर

पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि किसानों की खुशहाली और गांवों का विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। जब किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे, तभी गांवों की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। इसके लिए खेती को लाभकारी बनाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं को बढ़ाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के साथ आधुनिक खेती की जानकारी भी हासिल करनी चाहिए। कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का इस्तेमाल, फसलों में विविधता और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी

Livevns.news Desk
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