सतनाम पंथ के साहेब जगजीवन दास की तपोस्थली कोटवा धाम का होगा विकास

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सतनाम पंथ के साहेब जगजीवन दास की तपोस्थली कोटवा धाम का होगा विकास


सरकार सतनाम पंथ की आस्था और विरासत संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध: जयवीर सिंह

लखनऊ, 08 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में कोटवा धाम स्थित सतनाम पंथ के संस्थापक साहेब जगजीवनदास की तपोस्थली पर बने मंदिर परिसर में 202.51 लाख रुपये की लागत से पर्यटन विकास कार्य कराए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'समर्थ साहेब बाबा जगजीवन दास ने सतनाम पंथ की स्थापना की थी। यह पंथ सत्य की उपासना, मानवीय समानता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है। इसकी मूल भावना आडंबरों और भेदभाव से परे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी धर्मों, पंथों और समुदायों की आस्था का सम्मान करते हुए धार्मिक स्थलों का पर्यटन विकास करा रही है।

इसी क्रम में राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील स्थित कोटवा धाम में जगजीवन दास मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 150 लाख रुपये की राशि जारी की गई है।'

पर्यटन विकास के अंतर्गत होंगे व्यापक कार्य

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास परियोजना के तहत श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके अंतर्गत 60.51 लाख रुपए की लागत से यात्री निवास, 13.07 लाख रुपये से शौचालय ब्लॉक तथा 36.13 लाख रुपए से चेंजिंग रूम (वस्त्र परिवर्तन कक्ष) का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त भव्य प्रवेश द्वार, म्यूरल वॉल, सजावटी स्तंभ, पेयजल व्यवस्था, मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, यात्री सुविधाओं का विस्तार, डेकोरेटेड फ्री-स्टैंडिंग वॉल तथा पेवर ब्लॉक निर्माण जैसे कार्य भी किए जाएंगे।

प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में शामिल कोटवा धाम

बाराबंकी जनपद की सिरौलीगौसपुर तहसील स्थित कोटवा धाम में बाबा जगजीवन दास का लगभग 356 वर्ष पुराना मंदिर एवं समाधि स्थल स्थित है। यह सतनाम पंथ की प्रमुख तपोस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले मेले में प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

जन्मोत्सव पर उमड़ती है प्रदेशभर से श्रद्धालुओं की आस्था

माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी को समर्थ साहेब बाबा जगजीवन दास जी का जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, अयोध्या, रायबरेली, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर सहित प्रदेश के अनेक जनपदों तथा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कोटवा धाम पहुंचते हैं।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सतनामी संप्रदाय के प्रमुख स्थल कोटवा धाम के पर्यटन विकास से श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्राप्त होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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