पीआरडी जवानों, रसोइयों व आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच

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पीआरडी जवानों, रसोइयों व आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच


लखनऊ, 15 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने समाज के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले पीआरडी स्वयंसेवकों, विद्यालयों की रसोइयों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं के कल्याण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इन सेवा वर्गों के मानदेय में बढ़ोतरी के साथ उनके और उनके परिवारों के लिए पांच लाख रुपये तक की सालाना कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का फैसला किया है। इससे बीमारी की स्थिति में इलाज का खर्च परिवार की आर्थिक स्थिति पर भारी पड़ने से रोकने में मदद मिलेगी। खास बात यह है कि सरकार ने कर्मचारी के साथ उसके आश्रित परिवार को भी स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में रखा है।

31 हजार से अधिक पीआरडी जवानों को परिवार सहित पांच लाख तक का इलाज

प्रदेश की सुरक्षा, यातायात, आपदा और प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करने वाले 31 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा की गई है। सरकारी और सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार का लाभ मिलेगा।

रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा

परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों के लिए भी सरकार ने आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा को एक साथ जोड़ा है। उनके मानदेय में प्रतिमाह एक हजार रुपये की वृद्धि के साथ परिवार सहित पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। सीमित आय वाले परिवारों के लिए यह सुविधा बीमारी के समय बड़ा आर्थिक सहारा साबित हो सकती है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं को भी मिला दोहरा लाभ

बाल विकास, पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए भी सरकार ने मानदेय बढ़ाया है। कार्यकर्ताओं का मानदेय आठ हजार से बढ़ाकर 12 हजार और सहायिकाओं का चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये किया गया है। साथ ही दोनों के परिवारों को पांच लाख रुपये तक की सालाना कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का फैसला किया गया है।

संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री योगेश उपाध्याय ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पीआरडी जवानों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, अधिवक्ताओं एवं शिक्षकों को 05 लाख तक आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा देना स्वागत योग्य है। उन्होंने आगे कहा कि एनएचएम के 01 लाख स्वास्थ्य कर्मियों एवं 2.25 लाख आशा बहुओं को भी इस योजना में शामिल किया जाए। जो स्वास्थ्यकर्मी दूसरों का इलाज करते हैं, उन्हें भी स्वास्थ्य सुरक्षा का अधिकार मिलना चाहिए।

उच्च न्यायालय लखनऊ के अधिवक्ता अमर बहादुर मौर्य ने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की पहल निश्चित रूप से सराहनीय है। यह योजना उन अधिवक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी जो अपने पेशे में संघर्ष कर रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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