जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मनाया विश्व हिन्दी दिवस
अयोध्या, 14 सितंबर (हि.स.)। विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव रंजिनी शुक्ला के दिशानिर्देशन में सोमवार को जनपद न्यायालय, स्थित 24 कक्षीय न्यायालय भवन के मीटिंग हाल में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में मंच का संचालन अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय महेन्द्र सिंह पासवान द्वारा किया गया। उक्त संगोष्ठी में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेन्द्र मोहन सहाय, सुश्री निरूपमा विक्रम, दीपक यादव, प्रतिभा नारायन, प्रदीप कुमार सिंह, रवि कुमार गुप्ता, हरेन्द्र नाथ, अविजीत भूषण तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष त्रिपाठी, सिविल जज(सी0डि0) सतीश कुमार मगन, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीमती प्रिया सक्सेना के साथ-साथ अन्य सम्मानित न्यायिक मजिस्ट्रेटगण तथा कर्मचारीगण उपस्थित रहें।
संगोष्ठी में जनपद न्यायाधीश,अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रणंजय कुमार वर्मा बताया कि 14 सितंबर, 1949 को संविधान सभा ने जनभाषा हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्रदान किया। भारत में विभिन्न भाषाएं बोली जाती हैं परन्तु सबसे ज्यादा हिंदी भाषा बोली, लिखी व पढ़ी जाती है। वर्ष 1949 में हिंदी को हमारे देश में सर्वोच्च दर्जा प्रापत हुआ और तब से हिंदी को हमारी राजभाषा माना जाता है। इसी के साथ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एस0सी0/एस0टी0 एक्ट दीपक यादव ने हिन्दी के प्राचीन इतिहास तथा लिपि के विषय पर भी जानकारी प्रदान की।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय

