विकास नगरी भी बन रही अयोध्या, लीला पैलेस व ताज जैसे होटलों की एंट्री

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विकास नगरी भी बन रही अयोध्या, लीला पैलेस व ताज जैसे होटलों की एंट्री


-योगी सरकार के 9 साल: अयोध्या में 298 निवेशकों से 23074 करोड़ का एमओयू

-181 निवेशकों को भूमि उपलब्ध, तेजी से आगे बढ़ रही परियोजनाएं

-पर्यटन सेक्टर में सबसे ज्यादा निवेश, होटल-रिजॉर्ट प्रोजेक्ट्स की भरमार

-बायो एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग में भी निवेश का विस्तार

-रिलायंस इंडस्ट्रीज़ समेत कई कंपनियां स्थापित करेंगी इकाइयां

-निवेश से रोजगार सृजन और अयोध्या की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

अयोध्या, 20 मार्च (हि.स.)। योगी सरकार के 9 साल पूरे होने पर अयोध्या में निवेश की बाढ़ आ गई है। रामनगरी अयोध्या अब न केवल आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभर रही है, बल्कि आर्थिक विकास का नया हब बन चुकी है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों से अयोध्या में विभिन्न क्षेत्रों से कुल 298 निवेशकों ने एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनका कुल निवेश मूल्य 23,074 करोड़ रुपये है। सबसे बड़ी बात यह है कि होटल इंडस्ट्री जगमगा रही है। स्थानीय युवाओं को नौकरियां मिल रही हैं। अब तक लीला पैलेस व ताज जैसे होटलों की अयोध्या में एंट्री हो चुकी है।

यह आंकड़ा निवेश सारथी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त प्रस्तावों पर आधारित है, जो प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीति का जीता-जागता प्रमाण है। इनमें से 181 निवेशकों को भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन परियोजनाओं में तेजी से प्रगति हो रही है। कई निवेशकों ने विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और अनुमोदन प्राप्त कर लिए हैं, जबकि कुछ ने निर्माण कार्य शुरू भी कर दिया है। यह प्रक्रिया अयोध्या को एक आधुनिक, सुविधा सम्पन्न और रोजगार-उन्मुख शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

पर्यटन की सुविधा कई गुना बढ़ाएंगे होटल इंडस्ट्रीज

पर्यटन क्षेत्र में सबसे अधिक निवेश प्रस्ताव आए हैं। होटल, रिजॉर्ट और गेस्ट हाउस जैसी परियोजनाओं की भरमार है। बड़े-बड़े ब्रांड्स अयोध्या में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। सॉलिटेयर ग्रुप के साथ साझेदारी में ताज होटल और लीला पैलेस जैसे प्रतिष्ठित लक्जरी होटल चेन की एंट्री हो रही है। ये परियोजनाएं न केवल श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेंगी, बल्कि अयोध्या की पर्यटन क्षमता को कई गुना बढ़ाएंगी।

पर्यटन के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी निवेश का विस्तार

राम मंदिर के उद्घाटन के बाद पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है और ये निवेश उसी मांग को पूरा करने के लिए हैं। पर्यटन के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी निवेश का विस्तार हो रहा है। बायो एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में प्रमुख कंपनियां आगे आई हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनी बायो गैस और संबंधित इकाइयां स्थापित करने जा रही है। इसके अलावा पैक्स इंडस्ट्री, अक्षय शक्ति इंडस्ट्री और रसिक रिफ्रेशमेंट जैसी कंपनियां भी बायो एनर्जी एवं फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगा रही हैं। ये परियोजनाएं नवीकरणीय ऊर्जा और खाद्य प्रसंस्करण में आत्मनिर्भरता की दिशा में योगदान देंगी।

मजबूत होगी अयोध्या की अर्थव्यवस्था

योगी सरकार की नीतियों ने अयोध्या को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया है। बेहतर कानून-व्यवस्था, तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास (जैसे नया रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, सड़कें) और एकल खिड़की व्यवस्था ने निवेश प्रक्रिया को आसान बनाया है। इन निवेशों से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को कुशल नौकरियां मिलेंगी, जिससे अयोध्या की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। पर्यटन से जुड़े रोजगार तो सीधे तौर पर बढ़ेंगे ही, साथ ही सप्लाई चेन, निर्माण, सेवाएं और अन्य क्षेत्रों में भी अवसर पैदा होंगे।

अयोध्या का विकास मॉडल देश के लिए प्रेरणादायक

अयोध्या अब राम की नगरी' से आगे बढ़कर 'विकास की नगरी बन रही है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ आर्थिक उन्नति पर भी बराबर जोर दिया गया। यह निवेश अयोध्या को न केवल धार्मिक महत्व का केंद्र बनाए रखेगा, बल्कि इसे एक समृद्ध, आधुनिक शहर के रूप में स्थापित करेगा। भविष्य में और अधिक निवेश आने की संभावना है, जो उत्तर प्रदेश को देश का निवेश हब बनाने के सपने को साकार करेगा। अयोध्या का यह विकास मॉडल पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय

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