‘रन फॉर राम’ के अगले सत्र को शामिल करेगी उत्तर प्रदेश सरकार : केंद्रीय खेल राज्य मंत्री
अयोध्या, 21 फ़रवरी (हि.स.)। पवित्र सरयू घाट पर ‘रन फॉर राम संवाद’ का शनिवार को सफल आयोजन हुआ, जहाँ खेल, आध्यात्मिकता और सभ्यतागत संवाद का सशक्त संगम देखने को मिला। यह संवाद ‘रन फॉर राम मैराथन 2026’ पहल के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अनुषांगिक संगठन क्रीड़ा भारती द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने किया, जिसने अयोध्या को आध्यात्मिकता और खेल के संगम के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क्षण को चिन्हित किया।
इस कार्यक्रम ने खिलाड़ियों, प्रशासकों, सांस्कृतिक संस्थानों, विद्वानों, वेलनेस विशेषज्ञों और युवा नेताओं को एक मंच पर एकत्रित किया, जहाँ आध्यात्मिक और शारीरिक दोनों दृष्टियों से धैर्य और सहनशक्ति के गहरे अर्थ पर चर्चा की गई। लचीलापन, अनुशासन, फिटनेस और भारतीय सभ्यतागत मूल्यों के परस्पर संबंधों को समझने के उद्देश्य से आयोजित इस संवाद ने खेल की सीमाओं से परे एक व्यापक आंदोलन को प्रेरित किया।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि “उत्तर प्रदेश सरकार ‘रन फॉर राम’ के अगले सत्र को शामिल करेगी, और यह मैराथन फिटनेस, आस्था और एकता को बढ़ावा देने वाली वैश्विक पहल के रूप में अयोध्या में ही केंद्रित होनी चाहिए।”
“मेरी ओलंपिक उपलब्धि को 25 वर्ष हो चुके हैं, और खेल जगत में हो रही प्रगति तथा उभरते खिलाड़ियों के लिए सरकार के सशक्त समर्थन को देखकर मुझे अत्यंत खुशी हो रही है।”
पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित पैरा ओलंपियन प्रवीण कुमार ने छात्रों को प्रेरित करते हुए और खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि
“किसी भी खेल में उत्कृष्टता तपस्या का एक रूप है, जो समर्पण और दृढ़ संकल्प की मांग करता है। सकारात्मक रहें, अपने खेल के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध रहें और हर चुनौती को स्वीकार करें।”
कार्यक्रम के दौरान रक्षा खडसे ने ‘श्री राम धार्मिक विरासत’ नामक पुस्तक का लोकार्पण किया, जो डॉ. अमरनाथ रेड्डी मंचुरी और अवनीश कुमार सिंह का संयुक्त कार्य है और जिसे विराट इंटीग्रल आर एंड डी फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस पुस्तक को हमारी सांस्कृतिक धरोहर में महत्वपूर्ण योगदान के लिए व्यापक सराहना और उत्साह प्राप्त हुआ।
चर्चाएँ “वनवास से फिनिश लाइन तक” विषय पर केंद्रित रहीं, जिनमें भगवान श्रीराम की यात्रा और मैराथन दौड़ के बीच प्रेरक समानताएँ प्रस्तुत की गईं—सहनशक्ति, धैर्य, लचीलापन, आस्था तथा क्षणिक सुख-सुविधा पर मानसिक दृढ़ता की विजय को रेखांकित करते हुए।
उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश यादव ने कहा कि “हम ‘रन फॉर राम’ मैराथन को एक आधिकारिक सरकारी आयोजन के रूप में सूचीबद्ध करेंगे, ताकि इसे वैश्विक स्तर पर ले जाया जा सके और विभिन्न देशों के धावकों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जा सके।”
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अवध प्रांत के प्रांत प्रचारक कौशल किशोर, ओलंपियन कर्णम मल्लेश्वरी, नेपाल के राजदूत महामहिम डॉ. शंकर शर्मा, उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश यादव, एमएलसी अवनीश कुमार सिंह तथा एमएलसी अंगद सिंह उपस्थिति रहें।
संवाद में यह भी विचार किया गया कि बोस्टन, लंदन और न्यूयॉर्क जैसे अंतरराष्ट्रीय मैराथन नागरिक गौरव के प्रतीक कैसे बने, साथ ही ‘रन फॉर राम’ की विशिष्ट पहचान को भी रेखांकित किया गया। 14-कोसी परिक्रमा की विरासत तथा आधुनिक मैराथन से पूर्व अयोध्या के ऐतिहासिक लंबी दूरी के मार्गों में निहित परंपरा से प्रेरित इस आयोजन ने भारत की सहनशील पदयात्रा और दौड़ की समृद्ध परंपरा को प्रस्तुत किया। वक्ताओं ने चर्चा की कि ‘रन फॉर राम’ विश्व की पहली ऐसी मैराथन बनने का लक्ष्य रखती है, जो केवल शारीरिक चुनौती ही नहीं बल्कि एक गहन आध्यात्मिक अनुभव भी प्रदान करे।
एक अन्य महत्वपूर्ण चर्चा “दौड़ के रूप में साधना” पर केंद्रित रही, जिसमें मैराथन को एक ध्यानमय यात्रा के रूप में प्रस्तुत किया गया—जहाँ श्वास, लय, एकाग्रता और आंतरिक संतुलन शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करते हैं। संवाद में तेजी से बदलते भारत में युवा, फिटनेस और मूल्यों पर भी विचार किया गया और खेल को युवा पीढ़ी को अनुशासन, उद्देश्य तथा चरित्र-निर्माण से पुनः जोड़ने के माध्यम के रूप में स्थापित किया गया। अयोध्या को एक वैश्विक आध्यात्मिक-खेल गंतव्य के रूप में परिकल्पित किया गया, जो सांस्कृतिक पर्यटन, वेलनेस साधकों और आस्था-प्रेरित फिटनेस उत्साहियों को विश्वभर से आकर्षित करें।
इस अवसर पर राज्य अध्यक्ष अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि “इस चौथे संस्करण के माध्यम से क्रीड़ा भारती अयोध्या को फिटनेस और आस्था के वैश्विक प्रकाशस्तंभ में परिवर्तित कर रही है, जहाँ प्रत्येक प्रतिभागी एक सशक्त भारत का दूत है, जो अपनी सभ्यतागत विरासत के साथ शारीरिक उत्कृष्टता को भी महत्व देता है। हम ट्रैक से आगे बढ़कर भारत के 2036 ओलंपिक स्वप्न के लिए एक रणनीतिक रोडमैप तैयार कर रहे हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि हमारे खिलाड़ियों का जज़्बा प्रभु श्रीराम के सनातन मूल्यों से गहराई से जुड़ा रहे।”
‘रन फॉर राम संवाद’ ने ‘रन फॉर राम मैराथन 2026’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया, जिससे आध्यात्मिक प्रेरित सहनशक्ति खेलों के अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर अयोध्या की बढ़ती उपस्थिति सुदृढ़ हुई।
आयोजकों ने सहयोगी साझेदारों के प्रति आभार व्यक्त किया जिसमें गोवा सरकार (सिल्वर पार्टनर), छत्तीसगढ़ सरकार एवं नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरएएनवीपी) (ब्रॉन्ज पार्टनर), अमूल (रिफ्रेशमेंट पार्टनर), पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) (इंडस्ट्री पार्टनर), एनबीसीसी (इंडिया), स्त्री इंडिया स्पोर्ट्स फाउंडेशन (एसआईएसएफ) (नॉलेज पार्टनर), श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (स्पिरिचुअल पार्टनर), अयोध्या शोध संस्थान (कल्चरल पार्टनर), निस्वार्थ कदम (सपोर्टिंग पार्टनर), जेके टायर (एसोसिएट पार्टनर), अयोध्या नगर निगम (होस्ट सिटी पार्टनर), डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय (होस्ट सिटी पार्टनर), यूपी टूरिज्म, इफको तथा हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी (स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी एसोसिएट पार्टनर) रहे ।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय

