सरायरासी में चल रहे रामकथा महोत्सव में भरत के त्याग और प्रेम की कथा सुन भावुक हुए श्रद्धालु

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सरायरासी में चल रहे रामकथा महोत्सव में भरत के त्याग और प्रेम की कथा सुन भावुक हुए श्रद्धालु


सरायरासी में चल रहे रामकथा महोत्सव में भरत के त्याग और प्रेम की कथा सुन भावुक हुए श्रद्धालु


अयोध्या, 25 मार्च (हि.स.)। जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह के आवास पर चल रही राम कथा में पीठाधिपति, वेद विद्या प्रतिष्ठान (पुणे) महाराष्ट्र एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद गिरी जी महाराज ने भरत चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भरत भारतीय संस्कृति में त्याग, सेवा और भाईचारे के सर्वोच्च आदर्श माने जाते हैं। जब भगवान राम वनवास गए, तब उन्हें वापस अयोध्या लाने के लिए भरत समस्त अयोध्यावासियों के साथ पंचवटी की ओर प्रस्थान करते हैं।

उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान निषादराज और श्रंगवेरपुर के निवासियों ने भगवान राम के प्रति अपार प्रेम और समर्पणका परिचय दिया।उन्होंने अपने आराध्य के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने का भाव दिखाया, जो भक्ति और सेवा की अद्भुत मिसाल है।

स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि भरतका चरित्र हमें निस्वार्थ प्रेम, त्याग और धर्मके मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भगवान राम और भरत के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लेते नजर आए। रामकथा महोत्सव का समापन 28 मार्च को भण्डारे के साथ होगा।

कथा में किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह, गिरीश पाण्डेय डिप्पुल, सुनील तिवारी शास्त्री, महानगर मीडिया प्रभारी अमित कुमार मिश्र, विशाल सिंह बाबा, विपिन सिंह सहित ने कई जनपदों से आए बडी संख्या में लोगों ने कथा का रसपान किया।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय

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