आस्था में निकली 84 कोसी परिक्रमा, दुश्वारियों के बीच भी श्रद्धालुओं का जोश बरकरार

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आस्था में निकली 84 कोसी परिक्रमा, दुश्वारियों के बीच भी श्रद्धालुओं का जोश बरकरार


अयोध्या, 09 अप्रैल (हि.स.)। अवध क्षेत्र की प्रसिद्ध 84 कोसी परिक्रमा इन दिनों गहन आस्था, भक्ति और उत्साह के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। अवध धाम हनुमान मंडल के परिक्रमा प्रमुख सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में चल रहा यह विशाल जत्था बुधवार रात आस्तीकन बाजार स्थित श्री आस्तीक आश्रम के समीप परिषदीय विद्यालय परिसर में भंडारे के उपरांत रात्रि विश्राम हेतु ठहरा।

गुरुवार को “जय श्रीराम” के गगनभेदी उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं का जत्था अगले पड़ाव की ओर रवाना हुआ। परिक्रमा प्रमुख सुरेंद्र सिंह ने बताया कि यात्रा के दौरान कई प्रकार की दुश्वारियां सामने आती हैं, लेकिन विश्व कल्याण की भावना से प्रेरित श्रद्धालु हर कष्ट को सहर्ष स्वीकार करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ स्थानों पर साफ-सफाई और चिकित्सा व्यवस्था संतोषजनक है, जबकि कई जगहों पर अव्यवस्थाएं भी देखने को मिल रही हैं।

ग्राम कहुआ स्थित महादेवन देवस्थान पर ग्रामीणों द्वारा साधु-संतों के लिए भोजन और विश्राम की उत्तम व्यवस्था की गई। हालांकि कुछ पड़ावों पर प्रशासनिक उपेक्षा और खराब व्यवस्थाओं को लेकर संतों ने नाराजगी भी जताई। खराब रास्तों और आंधी-तूफान जैसी बाधाओं के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग बनी हुई है। इस धार्मिक यात्रा में अयोध्या सहित मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ जैसे विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु शामिल हैं। नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर इस परिक्रमा को और भी विशेष बना रहे हैं। परिक्रमार्थियों ने बताया कि रेवतीगंज स्थित रेवतीराम बाबा स्थान पर हरिप्रसाद सेठ द्वारा उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गईं, जबकि आस्तीकन में लगाए गए मेडिकल कैंप ने थकान और चोट से जूझ रहे श्रद्धालुओं को बड़ी राहत दी।

बुधवार रात आस्तीक आश्रम में पवन तिवारी के नेतृत्व में ग्राम प्रधान राजेंद्र प्रसाद, राजकुमार तिवारी, प्रदीप सिंह, विकास सिंह सहित ग्रामीणों ने भंडारे का आयोजन कर सेवा भाव का परिचय दिया। गुरुवार को कहुआ में पूर्व प्रधान जितेन्द्र नाथ द्विवेदी, खुशीराम दूबे, शिवपूजन दूबे, कौशल मिश्रा समेत कई ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसाद और सत्कार की व्यवस्था की। शाम तक परिक्रमार्थी सिड़सिड़ पहुंचे, जहां भाजपा नेता राम सजीवन मिश्र और अरुण गुप्ता की देखरेख में व्यवस्थाएं संचालित की गईं। आस्था, सेवा और सहयोग के समन्वय से चल रही यह परिक्रमा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

--आस्तीक आश्रम पहुंचा परिक्रमार्थियों का जत्था

दूसरी संस्था धर्मार्थ सेवा संस्थान के बैनरतले आयोजित 84 कोसी परिक्रमा गुरुवार को रामपुर बीकापुर से होते हुए आस्तीक आश्रम पहुंची। श्रद्धा, आस्था और विश्वास से ओत-प्रोत इस यात्रा में मार्ग की कठिनाइयां भी श्रद्धालुओं के उत्साह के सामने फीकी पड़ रही हैं। बुधवार को खराब मौसम के चलते परिक्रमार्थियों को आंधी, बारिश और तूफान का सामना करना पड़ा, लेकिन गुरुवार को मौसम साफ और सुहावना रहने से यात्रियों को बड़ी राहत मिली।

परिक्रमा संचालक गया दास ने बताया कि अवध धाम की शास्त्रीय सीमा 84 कोस की परिधि में मानी जाती है। इसी कारण इस यात्रा को 84 कोसी परिक्रमा कहा जाता है। इस धार्मिक आयोजन में साधु-संतों के साथ-साथ गृहस्थ परिवारों के सैकड़ों श्रद्धालु भी भाग ले रहे हैं। गया शरण दास के नेतृत्व में चल रहा जत्था रेवतीगंज स्थित रेवती राम बाबा देवस्थान से होते हुए आस्तीक आश्रम पहुंचा, जहां पुलिस प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच श्रद्धालु रात्रि विश्राम कर रहे हैं। धार्मिक आस्था, अनुशासन और सेवा भावना से परिपूर्ण यह परिक्रमा क्षेत्र में भक्ति और सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय

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