मिल्कीपुर में बनेगा एनएसजी का क्षेत्रीय हब, 67 एकड़ जमीन का प्रस्ताव
-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से महज 500 मीटर दूर देवगांव पूरे लाल खां में प्रस्तावित केंद्र
-स्थल का सर्वे पूरा, शासन की मंजूरी के बाद भूमि आवंटन की प्रक्रिया होगी शुरू
-अयोध्या समेत पूर्वांचल के कई जिलों में आपात स्थिति में त्वरित पहुंच होगी आसान
अयोध्या, 16 सितंबर (हि.स.)। रामनगरी अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के देवगांव पूरे लाल खां में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) का क्षेत्रीय हब स्थापित करने के लिए 67 एकड़ बंजर भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। ग्राम प्रबंध समिति की ओर से भूमि का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद अधिकारियों ने स्थल का सर्वे भी कर लिया है। अब शासन स्तर से प्रस्ताव के अनुमोदन के बाद भूमि आवंटन और एनएसजी हब की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रस्तावित स्थल पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। अयोध्या धाम से इसकी दूरी लगभग 65 किलोमीटर बताई जा रही है। यह क्षेत्र अयोध्या-सुल्तानपुर की सीमा के समीप गोमती नदी के किनारे स्थित है। एक्सप्रेसवे के बेहद करीब होने के कारण आपात स्थिति में आवागमन की दृष्टि से भी यह स्थान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रस्तावित क्षेत्रीय हब में एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो के प्रशिक्षण, परिचालन और अन्य आवश्यक सुरक्षा सुविधाओं के लिए आधारभूत ढांचा विकसित किए जाने की योजना है। केंद्र के स्थापित होने पर अयोध्या के साथ प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और पूर्वांचल के अन्य संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किसी आतंकी खतरे या हाई रिस्क ऑपरेशन की स्थिति में एनएसजी की त्वरित पहुंच आसान हो सकती है। आवश्यकता पड़ने पर आसपास के बिहार, झारखंड समेत अन्य राज्यों में भी सुरक्षा बलों की तैनाती के लिए यह केंद्र उपयोगी साबित हो सकता है।
अयोध्या में एनएसजी की मौजूदगी पहले से है। अयोध्या कैंट क्षेत्र के गौरा बारीक में एनएसजी के लिए करीब आठ एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर उपलब्ध कराई जा चुकी है। अब क्षेत्रीय स्तर पर बड़े केंद्र की जरूरत को देखते हुए मिल्कीपुर में 67 एकड़ भूमि का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में देश-विदेश से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ वीआईपी आवाजाही में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय और अधिक प्रभावी बनाने के लिहाज से मिल्कीपुर में प्रस्तावित एनएसजी हब को महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
उत्तर भारत में मजबूत होगी एनएसजी की पहुंच
मिल्कीपुर में प्रस्तावित केंद्र एनएसजी की क्षेत्रीय तैनाती और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है। देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में एनएसजी के क्षेत्रीय हब संचालित हैं। मिल्कीपुर में नया केंद्र बनने से पूर्वांचल और आसपास के क्षेत्रों में किसी बड़े सुरक्षा संकट की स्थिति में एनएसजी की पहुंच और प्रतिक्रिया समय को बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
933 बीघा ग्राम समाज की भूमि में से प्रस्तावित हुई 67 एकड़
मिल्कीपुर एसडीएम पवन कुमार शर्मा ने बताया कि एनएसजी हब के लिए 67 एकड़ भूमि का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अधिकारियों की ओर से स्थल का सर्वे भी किया गया है। भूमि आवंटन और हब की स्थापना की अंतिम प्रक्रिया शासन स्तर पर प्रस्ताव के अनुमोदन तथा आगे की औपचारिकताओं के बाद स्पष्ट होगी। ग्राम प्रधान शंकर बक्श यादव ने बताया कि पूरे लाल खां में करीब 933 बीघा ग्राम समाज की सरकारी भूमि है। इसमें से ग्राम प्रबंध समिति की ओर से 67 एकड़ भूमि एनएसजी हब के लिए प्रस्तावित की गई है। अधिकारियों ने भूमि का सर्वे कर प्रस्ताव शासन के अनुमोदन के लिए भेज दिया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एनएसजी कमांडो की ट्रेनिंग, सुरक्षा संबंधी कार्यशालाएं और कार्यालय स्थापित होने से न केवल क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से नई पहचान मिलेगी, बल्कि विकास की गति बढ़ने की भी उम्मीद है।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय

