विमान में 180 यात्रियों की जान बचाकर भारत के सपूत ने दुनिया को दिया सनातन संस्कृति का संदेश : बृजेश पाठक

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विमान में 180 यात्रियों की जान बचाकर भारत के सपूत ने दुनिया को दिया सनातन संस्कृति का संदेश : बृजेश पाठक


पंडित उमापति त्रिपाठी की 233वीं जयंती पर सम्मान समारोह आयोजित

विद्याभास्कर को वशिष्ठ सम्मान, आयुष्मान फाउंडेशन को बृजनंदन सम्मान

अयोध्या, 04 अक्टूबर (हि.स.)। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को संदेश दिया है कि आतंकवाद किसी भी दशा में स्वीकार नहीं है। हाल ही में विमान में 180 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार के साहस और सूझबूझ की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के इस सपूत ने पूरी दुनिया को बताया कि लोगों की जान बचाना ही हमारी संस्कृति है। आज इजराइल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी भारत के इस सपूत को गले लगाने के लिए बेताब हैं।

रविवार को रामकथा पार्क में वशिष्ठ फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से पूज्य पंडित उमापति त्रिपाठी की 233वीं जयंती पर आयोजित सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री पाठक ने कहा कि पंडित उमापति त्रिपाठी सनातन संस्कृति के प्रति समर्पित महामानव थे। अयोध्या की सनातन संस्कृति के प्रति प्रेम 500 वर्षों के संघर्ष में दिखाई देता है। आज जब अयोध्या में राम मंदिर की पताका फहरा रही है तो पूरी दुनिया भारतीय संस्कृति की ऊंचाइयों का एहसास कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने के साथ ही गरीबों का कल्याण करना भी सरकार की प्राथमिकता है।

कार्यक्रम का आयोजन वशिष्ठ फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं नगर निगम महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने किया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए सनातन संस्कृति के उत्थान में अयोध्या के संत-महंतों की भूमिका पर प्रकाश डाला। समारोह का संचालन प्रतिष्ठित विद्वान रघुनाथ दास शास्त्री ने किया।

वात्सल्य भाव से प्रभु राम की आराधना की

प्रख्यात विद्वान महंत मिथिलेशनंदिनी शरण ने कहा कि पंडित उमापति त्रिपाठी ने अपने सदाचरण और साधना के माध्यम से भगवान श्रीराम की वात्सल्य भाव से आराधना कर भक्ति की श्रेष्ठ परंपरा को प्रमाणित किया। उन्होंने संस्कृत और हिंदी में अनेक विशिष्ट रचनाएं कीं, जिनमें दर्शन, अध्यात्म और रसोपासना प्रमुख विषय रहे।

स्वामी विद्याभास्कर को वशिष्ठ सम्मान

वशिष्ठोपाख्य पं. उमापति त्रिपाठी की कीर्ति को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से वशिष्ठ फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से वर्ष 2018 में शुरू किए गए वशिष्ठ सम्मान की श्रृंखला में इस वर्ष जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर जी महाराज को सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने उन्हें 51 हजार रुपये, सम्मान पत्र एवं अंगवस्त्र भेंट किए।

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महान योद्धा बृजनंदन ब्रह्मचारी की स्मृति में प्रदान किए जाने वाले बृजनंदन सम्मान से दि आयुष्मान फाउंडेशन को सम्मानित किया गया। फाउंडेशन की ओर से पवन पटेल एवं उनके साथियों ने सम्मान ग्रहण किया।

समारोह में मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, रामभूषण दास कृपालु जी महाराज, महंत अनंताचार्य जी महाराज, महंत अवधेश दास, महंत जनमेजय शरण, अधिकारी राजकुमार दास, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, विधायक रामचंद्र यादव एवं अभय सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी, पूर्व जिलाध्यक्ष कमला शंकर पांडे, अभिषेक मिश्र, मुकेश सिंह, चंद्रभान सिंह सहित अनेक संत-महंत, विद्वान एवं गणमान्य लोग मंचासीन रहे।

रूपेश मिश्र के गीतों पर झूमे श्रोता

समारोह के दौरान हिंदी एवं भोजपुरी सिनेमा के प्रसिद्ध पार्श्व गायक रूपेश मिश्र एवं उनके साथियों ने गीतों की प्रस्तुति दी। उनके गायन पर श्रोता घंटों झूमते रहे।

2018 में शुरू हुआ था वशिष्ठ सम्मान

महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने बताया कि वशिष्ठ सम्मान की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी। पहला वशिष्ठ सम्मान अयोध्या के ख्यातिप्राप्त विद्वान पं. विश्वेश्वरी प्रसाद शुक्ल 'ब्रह्मचारी' को प्रदान किया गया था। इसके बाद यह सम्मान प्रकांड विद्वान ब्रह्मानंद पाठक, मणिरामदास छावनी के पूज्य महंत नृत्यगोपाल दास तथा राजगोपाल मंदिर के पूर्व महंत स्व. कौशल किशोर शरण फलाहारी जी सहित अनेक विशिष्ट संतों एवं विद्वानों को प्रदान किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि क्रांतिकारी बृजनंदन ब्रह्मचारी का जन्म मूल रूप से सिद्धार्थनगर जनपद के इंडवाघाट में हुआ था। विद्याध्ययन के लिए वह अयोध्या आए और श्री तिवारी मंदिर में रहकर संस्कृत की शिक्षा ग्रहण की। वर्ष 1923 में अयोध्या में हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की बैठक आयोजित कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वह महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के निकट सहयोगियों में शामिल थे। वर्ष 1929 में वह दिल्ली सेंट्रल जेल में भी रहे।

बृजनंदन ब्रह्मचारी की स्मृति में प्रदान किए जाने वाले सम्मान से अब तक श्रीराम अवध अंध विद्यालय, दूरदर्शन लखनऊ के आत्म प्रकाश, गौरीशंकर गवैया जी, डॉ. चैतन्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली अनेक हस्तियों को सम्मानित किया जा चुका है।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय

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