दीर्घ सेतु से आसान होंगी बीकापुर की बड़ी-बड़ी मुश्किलें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से तमसा नदी पर 11.11 करोड़ की लागत से बन रहा दीर्घ सेतु
-नेवादा-बिबियापुर मार्ग पर तमसा नदी को जोड़ने वाला सेतु निर्माण
-बीकापुर विधानसभा क्षेत्र को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी, तमसा नदी पर बन रहा आधुनिक पुल
अयोध्या, 24 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रगतिशील विकास योजनाओं के तहत तमसा नदी पर नेवादा-बिबियापुर मार्ग पर दीर्घ सेतु का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। 11.11 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण पुल से बीकापुर विधानसभा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को रफ्तार मिलेगी।
विधानसभा क्षेत्र बीकापुर में तमसा नदी पर प्रस्तावित इस दीर्घ सेतु की कुल लंबाई 80.08 मीटर है। इसके साथ ही दोनों तरफ 200-200 मीटर यानी कुल 400 मीटर के पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक निर्माण कार्य भी शामिल हैं। यह पुल न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास, कृषि उत्पादन की बेहतर मार्केटिंग और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच को भी आसान बनाएगा। यह दीर्घ सेतु अयोध्या के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत मील का पत्थर साबित होगा। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी ऐसी योजनाएं ही वास्तव में आत्मनिर्भर और विकसित भारत का सपना साकार कर रही हैं। सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक रोहित अग्रवाल ने बताया कि 31 दिसंबर 2027 तक निर्माण कार्यों की डेडलाइन है। वर्तमान में भौतिक प्रगति 14 प्रतिशत है। सेतु के फाउंडेशन का कार्य प्रगति पर है।
पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के अनुरूप यह पुल क्षेत्र की पुरानी कनेक्टिविटी समस्याओं को हमेशा के लिए समाप्त कर देगा। तमसा नदी पर पहले से मौजूद पुराने और अपर्याप्त पुल के कारण बरसात के मौसम में आवागमन बाधित हो जाता था। नया आधुनिक दीर्घ सेतु इस समस्या का स्थायी समाधान होगा। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय किसानों, छात्रों, व्यापारियों और आम ग्रामीणों को मिलेगा। बेहतर सड़क संचार से इलाके में नए उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की कर रहे समीक्षा
अयोध्या जैसे पवित्र और विकासशील शहर के आसपास की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में यह सेतु अहम भूमिका निभाएगा। सेतु निगम द्वारा गुणवत्ता मानकों के साथ निर्माण कार्य किया जा रहा है। पहुंच मार्गों का निर्माण, नदी किनारे सुरक्षा दीवारें और अन्य जरूरी संरचनात्मक कार्य भी समानांतर रूप से चल रहे हैं। अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं ताकि निर्धारित समयसीमा से पहले ही कार्य पूरा किया जा सके। सरकार का लक्ष्य है कि 2027 के अंत तक यह पुल पूर्ण रूप से तैयार हो जाए और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय

