अयोध्या विकास प्राधिकरण करेगा भारत कुंड का व्यापक डेवलपमेंट, 36 करोड़ की डीपीआर शासन को भेजी
-भारत कुंड के मंदिरों और घाटों का होगा सौंदर्यीकरण, पाथवे लाइटिंग से जगमगाएगा क्षेत्र
-36 करोड़ की लागत से बदलेगी भारत कुंड की तस्वीर
अयोध्या, 10 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा को नया आयाम मिलेगा। अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) भरत कुंड का भव्य और व्यापक विकास करने जा रहा है। लगभग 36 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेज दी गई है, जिसके स्वीकृत होते ही कार्य तेजी से शुरू हो जाएगा।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराज जैन ने बताया कि भरत कुंड को धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से विश्वस्तरीय स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अयोध्या को समग्र रूप से विकसित किया जा रहा है। भरत कुंड रामायण काल से जुड़ा पावन स्थल है। यहां भगवान राम के अनुज भरत जी का संबंध है। इस स्थल को उसकी गरिमा के अनुरूप विकसित करना हमारी प्राथमिकता है। वहीं अयोध्या के दक्षिण में, प्रयागराज मार्ग के किनारे, भरत कुंड है, जिसे नंदीग्राम के नाम से भी जाना जाता है। यह स्थान रामायण महाकाव्य के साथ अपने दोहरे जुड़ाव के लिए महत्व रखता है। सबसे पहले, ऐसा माना जाता है कि यह वह स्थान है जहां भगवान राम के भाई भरत ने भगवान राम की अनुपस्थिति में कोसल साम्राज्य पर शासन किया था। भगवान राम के वैध शासन का प्रतीकात्मक रूप से प्रतिनिधित्व करने के लिए, भरत ने नंदीग्राम से शासन करते समय कथित तौर पर अपनी लकड़ी की चप्पलें एक 'चौकी' (मल) पर रखी थीं। दूसरे, उसी क्षेत्र में जटा कुंड वह स्थान माना जाता है जहां भगवान राम और लक्ष्मण ने अपने उलझे हुए बाल त्यागे थे, जो उनके चौदह साल के वनवास के अंत का प्रतीक था। इस प्रकार, भरत कुंड भरत की निष्ठा और राम के वनवास के समापन अध्याय दोनों के प्रमाण के रूप में मौजूद है।
जानिए, क्या क्या कार्य हैं प्रस्तावित
उपाध्यक्ष अनुराज जैन के अनुसार, भरत कुंड में मंदिरों और घाटों का व्यापक सौंदर्यीकरण किया जाएगा। घाटों को पत्थरों से सुसज्जित किया जाएगा, पाथवे लाइटिंग से पूरा क्षेत्र जगमगाएगा। आधुनिक सुविधाओं के तहत एम्पीथियेटर का निर्माण, सार्वजनिक शौचालय, हार्टिकल्चर (बागवानी) का कार्य और गजेबो (छत्रियां) बनाए जाएंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए वॉकवे, बैठने की व्यवस्था, ड्रिंकिंग वॉटर पॉइंट्स और पर्याप्त पार्किंग की भी व्यवस्था प्रस्तावित है।
आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा
इस परियोजना से भरत कुंड की पूरी तस्वीर बदल जाएगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु और पर्यटक लंबे समय तक यहां रुक सकें। मंदिर परिसरों को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाने के साथ ही हरित क्षेत्र बढ़ाया जाएगा। रात में लाइटिंग से पूरा कुंड क्षेत्र आध्यात्मिक आभा से जगमगाएगा।
नया स्वरूप धारण करेगा भरत कुंड
एडीए उपाध्यक्ष अनुराज जैन ने बताया कि यह विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यटन संसाधनों का भी विस्तार होगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और अयोध्या के समग्र पर्यटन सर्किट में भरत कुंड एक महत्वपूर्ण गंतव्य बनकर उभरेगा। यह परियोजना अयोध्या विकास प्राधिकरण की बड़ी पहल है, जो राम मंदिर के बाद अयोध्या के अन्य प्राचीन एवं महत्वपूर्ण स्थलों को भी विश्व स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शासन से डीपीआर स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा और निर्धारित समय में भरत कुंड नया स्वरूप धारण कर लेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय

