झांसी मंडल के मुरैना-सिकरौदा-हेतमपुर खंड में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली शुरू

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झांसी मंडल के मुरैना-सिकरौदा-हेतमपुर खंड में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली शुरू


प्रयागराज, 24 फरवरी (हि.स)। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता सतेंद्र कुमार, भोलेन्द्र सिंह एवं मुख्यालय की टीम के सक्रिय सहयोग से इस नई तकनीक से अब ट्रेनें एक-दूसरे के पीछे कम दूरी पर भी सुरक्षित रूप से चलाई जा सकेंगी। जिससे खंड की लाइन क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों की पंक्चुअलिटी में सुधार होगा। साथ ही ट्रेन संचालन के दौरान मानवीय त्रुटियों की सम्भावना कम हो जाएगी।

यह जानकारी वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी अमित मालवीय ने मंगलवार को देते हुए बताया कि इस परियोजना के तहत कुल तीन ब्लॉक सेक्शन एक ही दिन में चालू किए गए, जो कठिन भू-भाग में एक बड़ी उपलब्धि है। तीन प्रमुख स्टेशनों (मुरैना- सिकरौदा एवं हेतमपुर) पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली को उन्नत किया गया, जिससे सिग्नल संचालन और अधिक सटीक एवं तेज़ हुआ है। इस खंड में 80 अत्याधुनिक ट्रैक डिटेक्शन उपकरण लगाए गए हैं, जो ट्रेन की स्थिति का सटीक पता लगाते हैं और सिग्नलिंग को और अधिक भरोसेमंद बनाते हैं।

उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त चौदह सिग्नलों को अपग्रेड करके अब उन्हें चार पहलू वाला बनाया गया है, जिससे लोको पायलट को दूर से ही स्पष्ट संकेत मिलते हैं और ट्रेन की गति व नियंत्रण में सुधार होता है। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में अभी तक झांसी डिवीजन के दिल्ली-चेन्नई मेन लाइन रूट में कुल 16 ब्लॉक सेक्शन (117.75 किमी) चालू किए जा चुके हैं। झांसी मंडल द्वारा की गई यह पहल यात्रियों को अधिक समयबद्ध, सुरक्षित और विश्वसनीय यात्रा अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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