यमुना तट पर चला 170वां सफाई अभियान, बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के सुधार की उठी मांग

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यमुना तट पर चला 170वां सफाई अभियान, बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के सुधार की उठी मांग


बाढ़ से अंत्येष्टि स्थल बदहाल, स्नान कुंड और राम झरोखा क्षतिग्रस्त; डीएम को सौंपेंगे पांच सूत्रीय मांगपत्र।

औरैया, 11 अक्टूबर (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया की ओर से रविवार को यमुना तट स्थित राम झरोखा में 170वें चरण का सफाई अभियान चलाया गया। सुबह सात बजे शुरू हुए अभियान में कूड़ा-अपशिष्ट, पॉलीथिन और प्लास्टिक एकत्र कर नष्ट किया गया। इसके बाद समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर यमुना तट की बदहाल स्थिति और उसके सुधार को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि संगठन पिछले एक दशक से जनहित में स्वच्छता अभियान और यमुना तट के सौंदर्यीकरण के लिए कार्य कर रहा है। इसके तहत श्मशान घाटों, धार्मिक स्थलों, प्राचीन विश्राम स्थलों और पिंडदान स्थलों पर पौधारोपण, देखरेख और सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि यमुना नदी में आई बाढ़ के कारण जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में तब्दील होकर बदहाल हो गए हैं। इससे लोगों को अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने में काफी परेशानी हो रही है। हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंत्येष्टि के बाद यमुना तट पर स्नान की परंपरा भी है, लेकिन यहां स्थित स्नान कुंड और लोगों के बैठने के लिए बना राम झरोखा काफी क्षतिग्रस्त है। इससे कभी भी अप्रिय घटना होने की आशंका बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि औरैया शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन लगभग दस अंत्येष्टियों के लिए हजारों लोगों का आवागमन होता है। इसके बावजूद यमुना तट की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सफाई अभियान से राम झरोखा में स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा और शवयात्रा में शामिल होने वाले लोगों को बैठने में सुविधा मिलेगी।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के समाधान के लिए समिति का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही जिलाधिकारी को पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपेगा। इसमें बदहाल अंत्येष्टि स्थलों का समतलीकरण, क्षतिग्रस्त स्नान कुंड और राम झरोखा का जीर्णोद्धार सहित यमुना तट की अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी।

बैठक में पर्यावरण प्रहरी मनीष पुरवार (हीरू), संतोष कुशवाहा, राम आसरे गुप्ता, हिमांशु दुबे, संजय अग्रवाल, चिकित्सक एलएन गुप्ता, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट, अजय कुमार और राम प्रसाद सहित अन्य यमुना सेवादार मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

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