एकीकृत बागवानी मिशन : औरैया के किसान ने स्ट्राबेरी की खेती कर बढ़ाई आय
औरैया, 03 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद औरैया के प्रगतिशील किसान अब परंपरागत खेती छोड़कर हाई वैल्यू फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत स्ट्राबेरी की खेती कर किसान अपनी आय को कई गुना बढ़ा रहे हैं। विकास खंड भाग्यनगर के ग्राम रानीपुर निवासी प्रगतिशील किसान राम गोविन्द शुक्ला इस परिवर्तन के सशक्त उदाहरण बनकर उभरे हैं।
राम गोविन्द शुक्ला ने उद्यान विभाग के मार्गदर्शन एवं मिशन योजना के अंतर्गत प्राप्त अनुदान से आधुनिक तकनीक अपनाते हुए लगभग 2 एकड़ क्षेत्रफल में स्ट्राबेरी की खेती प्रारंभ की। उन्होंने “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” माइक्रो इरीगेशन योजना के तहत ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग तकनीक का प्रयोग किया, जिससे उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
किसान राम गोविन्द शुक्ला ने बताया कि स्थानीय बाजार में स्ट्राबेरी की मांग अधिक है और उन्हें 300 से 350 रुपये प्रति किलो की दर से बिक्री आसानी से हो जाती है। वे हर दूसरे दिन 10 से 12 हजार रुपये की आमदनी कर रहे हैं। उनका अनुमान है कि मात्र 6 माह में 8 से 12 लाख रुपये की शुद्ध बचत होगी।
इस सफल प्रयोग की वास्तविकता देखने के लिए सचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग लखनऊ व जनपद नोडल अधिकारी गुर्राला श्रीनिवासुलु, जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार सहित जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों ने कृषक प्रक्षेत्र का भ्रमण किया। अधिकारियों ने किसान के प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य किसानों को भी उद्यानिकी फसलों को अपनाने की सलाह दी।
जिलाधिकारी एवं नोडल अधिकारी ने कहा कि उद्यानिकी फसलें कैश क्रॉप हैं, जिन्हें अपनाकर किसान अपनी आय को दो से तीन गुना तक बढ़ा सकते हैं। मिशन योजना के अंतर्गत किसान द्वारा 0.25 हेक्टेयर में पपीता की खेती भी की गई है, जिसमें चना की इंटरक्रॉपिंग की जा रही है।
जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार तिवारी ने बताया कि स्ट्राबेरी की खेती पर प्रति हेक्टेयर लगभग 2 लाख रुपये की लागत आती है, जिस पर शासन द्वारा 40 प्रतिशत अनुदान दो किश्तों में दिया जाता है। एक एकड़ में किसान को लगभग 6 लाख रुपये की शुद्ध बचत संभव है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में जनपद औरैया में स्ट्राबेरी खेती का 2 हेक्टेयर लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके तहत अब तक तीन किसानों का चयन किया गया है।
विकास कार्यों का भी किया निरीक्षण
कृषि भ्रमण के उपरांत जनपद नोडल अधिकारी ने ग्राम सेहुद में टीडीए मॉडल से निर्माणाधीन मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन के साथ बहुउद्देशीय हाल निर्माण, पेड़ों की सुरक्षा तथा नए पौधारोपण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने शटरिंग में खराब प्लाई प्रयोग पर नाराजगी जताते हुए स्टील शीट के प्रयोग के निर्देश दिए और समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने को कहा। इसके बाद चमरौहा में निर्माणाधीन स्टेडियम का निरीक्षण किया गया। नोडल अधिकारी ने उच्च गुणवत्ता सामग्री के प्रयोग, समीपवर्ती गांवों में मंगल दल गठन, आउटसोर्सिंग के माध्यम से प्रशिक्षकों की तैनाती के निर्देश दिए। कार्यदाई संस्था ने बताया कि स्टेडियम में वॉलीबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस कोर्ट के साथ रनिंग ट्रैक का भी निर्माण कराया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

