उतरते ही बिक जाती है खाद, निराश होकर लौट रहे किसान

उतरते ही बिक जाती है खाद, निराश होकर लौट रहे किसान


उतरते ही बिक जाती है खाद, निराश होकर लौट रहे किसान


उतरते ही बिक जाती है खाद, निराश होकर लौट रहे किसान


उतरते ही बिक जाती है खाद, निराश होकर लौट रहे किसान


उतरते ही बिक जाती है खाद, निराश होकर लौट रहे किसान


उतरते ही बिक जाती है खाद, निराश होकर लौट रहे किसान


औरैया, 24 नवम्बर (हि.स.)। अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर खाद नहीं है। कंचौसी गांव सहकारी समिति बीते हफ्ते 400 बोरी खाद भेजी गई थी जोकि चार घण्टे में बिक गई थी। बुधवार शाम को 100 बोरी डीएपी खाद भेजी गई थी जो पहुंचने के कुछ घंटों के अंदर ही बिक गई। अधिकतर किसान निराश होकर लौटे। कंचौसी गांव की साधन सहकारी समिति पर गुरुवार को 100 डीएपी खाद ट्रक से उतरी। इसकी सूचना पाते ही किसानों की भीड़ लग गई।

एक बोरी से ज्यादा खाद किसी को नहीं दी गई, फिर गुरुवार को दोपहर तक पूरी खाद बिक गई। किसान शिवप्रसाद, मोहन लाल, जगदीश, रामभरोसे, जीवनलाल, गिरवर प्रसाद आदि किसानों ने बताया एक बोरी से ज्यादा खाद किसी को नहीं दी गई। एक आधार कार्ड पर सिर्फ एक बोरी खाद दी जा रही है। दोपहर तक 80 बोरी से ज्यादा खाद बिक चुकी थी। खाद लेने पहुंचे किसान का कहना है कि आलू, गेहूं, राई की फसल के लिए खाद की एक बोरी से अधिक जरूरत है लेकिन समिति पर एक बोरी से अधिक खाद नहीं मिल रही है, जिससे किसानों को दुकानों से ऊंचे दामों में खाद लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों पर आर्थिक बोझ की मार पड़ रही है।

सचिव अनोज कुमार का कहना है कि अधिकारियों से अधिक खाद की मांग की गई हैं, छूटे किसानों को जल्द खाद मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार/ सुनील

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