औरैया : 31 मई 1857 के 'पूर्ण स्वतंत्रता दिवस' की 169वीं वर्षगांठ पर चकरनगर राजगढ़ी में होगा आयोजन

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औरैया : 31 मई 1857 के 'पूर्ण स्वतंत्रता दिवस' की 169वीं वर्षगांठ पर चकरनगर राजगढ़ी में होगा आयोजन


औरैया, 30 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद औरैया/इटावा में 1857 को भारतवर्ष की पूर्ण स्वतंत्रता के उद्घोष 'ऐलान-ए-मुकम्मल आज़ादी' की 169वीं वर्षगांठ के अवसर पर चंबल फाउंडेशन परिवार द्वारा चकरनगर स्थित क्रांतिकारी राजा निरंजन सिंह चौहान की ऐतिहासिक राजगढ़ी में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

चंबल फाउंडेशन के अध्यक्ष शाह आलम के अनुसार, 31 मई 1857 का दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। किसानों, राजाओं और आम जनता के सामूहिक संघर्ष के परिणामस्वरूप ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को चुनौती देते हुए पूर्ण स्वतंत्रता का उद्घोष किया गया था। 1857 की जनक्रांति में पूरा चंबल अंचल क्रांतिकारी राजा निरंजन सिंह चौहान के नेतृत्व में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ एकजुट हुआ था।

उन्होंने पदाधिकारियों के साथ शनिवार को बताया कि 'पूर्ण स्वतंत्रता दिवस' की वर्षगांठ पर आयोजित होने वाला 'चंबल मिशन' कार्यक्रम रविवार प्रातः 10 बजे से चकरनगर स्थित राजगढ़ी परिसर में शुरू होगा। कार्यक्रम में 1857 के ज्ञात-अज्ञात शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके पश्चात पिछले दो माह से संचालित 'चंबल मिशन' अभियान की समीक्षा तथा आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

इस अवसर पर चंबल फाउंडेशन परिवार सरकार के समक्ष अपनी 14 सूत्रीय मांगों को भी प्रमुखता से रखेगा। इनमें चंबल शौर्य स्मारक का निर्माण, चंबल केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना, स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर संस्थानों का नामकरण, क्रांतिवीरों पर पुस्तक एवं डॉक्यूमेंट्री निर्माण, शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करना, पर्यटन विकास, स्मारक डाक टिकट जारी करना, सेनानी परिवारों को सम्मान एवं सुविधाएं प्रदान करना तथा चंबल क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़ी मांगें शामिल हैं।

चंबल फाउंडेशन ने प्रदेश एवं केंद्र सरकार से मांग की है कि चंबल के गुमनाम क्रांतिकारियों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान दिया जाए तथा चंबल को अपराध की नहीं बल्कि क्रांति, बलिदान और शौर्य की धरती के रूप में स्थापित किया जाए।

संगठन ने क्षेत्र के नागरिकों, इतिहासकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं जनप्रतिनिधियों से कार्यक्रम में सहभागिता कर 1857 के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

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