खौलते दूध से संत आत्मदास का स्नान देख ग्रामीण हैरान
औरैया, 22 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में रुरुगंज कस्बे के निकट रुरुखुर्द के गांव खरगपुर में इन दिनों एक अनोखी घटनाक्रम चर्चा का केंद्र बनी हुई है। गांव स्थित शर्मा परिवार के मंदिर में ठहरे संत आत्मदास ने हवन-पूजन के उपरांत रविवार को कथित रूप से खौलते दूध से स्नान कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। बताया जा रहा है कि संत आत्मदास मूल रूप से वाराणसी (काशी) के निवासी हैं और पिछले दो माह से गांव में रहकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर प्रांगण में पहले विधि-विधान से हवन संपन्न हुआ। इसके बाद कई मटकियों में आग जलाकर दूध उबाला गया। दूध उफनने लगा और भाप उठने लगी। इसी दौरान संत आत्मदास ने मंत्रोच्चार करते हुए वही खौलता दूध अपने ऊपर डालकर स्नान किया। उपस्थित लोगों के मुताबिक, उनके(संत) शरीर पर न तो जलने के निशान दिखाई दिए और न ही फफोले पड़े, जिससे लोग स्तब्ध रह गए।
संत आत्मदास का कहना है कि यह कोई प्रदर्शन नहीं, बल्कि “काशी की पूजा पद्धति” का हिस्सा है और वे वर्षों से विशेष आराधना के रूप में ऐसा करते आ रहे हैं। घटना की सूचना फैलते ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं और बुजुर्ग संत के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेते दिखाई दिए। जहां कई ग्रामीण इसे ईश्वरीय चमत्कार मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे साधना और आस्था की शक्ति बता रहे हैं। हालांकि, कुछ ग्रामीणों ने घटना की सच्चाई की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।
मौके पर जय नारायण शर्मा, राजवीर शर्मा, राजकुमार, ललित कुमार, मोहित शर्मा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। फिलहाल खरगपुर का यह “दूध स्नान” पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

