कोईराजपुर मॉडल शॉप में मारपीट और तोड़फोड़, वीडियो वायरल, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
वाराणसी। बड़ागांव थाना क्षेत्र के कोईराजपुर स्थित एक मॉडल शॉप में हुई मारपीट और तोड़फोड़ का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
घटना 15 जुलाई की देर रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। वायरल सीसीटीवी फुटेज में कुछ युवक मॉडल शॉप के बाहर हंगामा करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक दुकान की ओर ईंट फेंकता है, जबकि अन्य युवक शटर और लोहे की जाली पर हमला करते नजर आते हैं। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है और आसपास मौजूद लोग भी घटना को देखते रह जाते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की व्यापक चर्चा हो रही है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मॉडल शॉप के संचालन को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि दुकान पर देर रात तक शराब की बिक्री होती है, जिससे क्षेत्र में अक्सर विवाद और अशांति की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। लोगों का कहना है कि मॉडल शॉप को हटाने की मांग को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में इससे भी बड़ी घटना हो सकती है।
वहीं, मॉडल शॉप के संचालक ने स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए अवैध शराब बिक्री के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि घटना के दौरान कुछ युवकों ने शराब को लेकर विवाद किया, जिसके बाद उन्होंने दुकान पर हमला कर तोड़फोड़ की। संचालक का दावा है कि घटना की सूचना तत्काल बड़ागांव पुलिस को दी गई थी और मामले में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना को कई दिन बीत जाने और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बावजूद पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसी कारण वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। जांच पूरी होने और पुलिस द्वारा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही घटना के कारणों, जिम्मेदार लोगों और लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

