सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए असम राइफल्स के जवान सत्येंद्र सिंह, पुत्र ने दी मुखाग्नि
देवरिया, 11 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के रामपुर चंद्रभान गांव निवासी असम राइफल्स के जवान सत्येंद्र सिंह (36) का शनिवार दोपहर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पटनवा पुल के समीप छोटी गंडक नदी के तट पर असम राइफल्स के जवानों और स्थानीय पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन रहा और बड़ी संख्या में लोगों ने नम आंखों से वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की।
शुक्रवार देर रात जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव रामपुर चंद्रभान पहुंचा। अंतिम दर्शन के लिए गांव में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। परिजन, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए पटनवा पुल स्थित छोटी गंडक नदी के तट पर ले जाया गया, जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। जवान के 9 वर्षीय पुत्र विराट सिंह ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस भावुक क्षण ने वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम कर दीं।
उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि देश की सेवा में समर्पित जवानों का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा और सरकार हर परिस्थिति में उनके परिवार के साथ खड़ी है।
परिजनों के अनुसार सत्येंद्र सिंह की असम राइफल्स में करीब सात वर्ष पहले नियुक्ति हुई थी। वर्तमान में उनकी तैनाती शिलांग में थी। 8 जुलाई की रात ड्यूटी के दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द उठा। साथी जवान उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सत्येंद्र सिंह अपने पीछे पत्नी सिमला देवी, 10 वर्षीय पुत्री दिशा और 9 वर्षीय पुत्र विराट सिंह को छोड़ गए हैं। उनके असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अंतिम संस्कार के दौरान सैन्य अधिकारियों, पुलिस कर्मियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने वीर जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान और सेवाओं को नमन किया।
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

