सुभासपा कार्यालय में अभद्रता और धमकी की घटना पर अरविंद राजभर ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस को दी गई तहरीर
लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कार्यालय में बुधवार को एक व्यक्ति द्वारा पहुंचकर पार्टी पदाधिकारियों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और धमकी देने का मामला सामने आया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं कैबिनेट मंत्री अरविंद राजभर ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना की जानकारी दी और पुलिस को तहरीर दिए जाने की बात कही।
अरविंद राजभर के अनुसार, अली नाम का एक व्यक्ति सुभासपा कार्यालय पहुंचा और खुद को समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता बताते हुए कार्यालय प्रभारी धर्मप्रकाश चौधरी के साथ अभद्रता करने लगा। उसने धमकी देते हुए कहा कि यदि अखिलेश यादव के खिलाफ कुछ कहा गया तो ठीक नहीं होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति ने उनके और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध किए जाने पर धर्मप्रकाश चौधरी के साथ हाथापाई भी की गई।

अरविंद राजभर ने कहा कि उक्त व्यक्ति लगातार खुद को सपा का सच्चा कार्यकर्ता बता रहा था और यहां तक कह रहा था कि वह अखिलेश यादव के लिए जान दे भी सकता है और ले भी सकता है।
उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यालय में हुई घटना के दौरान स्थिति बेहद गंभीर थी। ईश्वर की कृपा रही कि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। अरविंद राजभर ने आरोप लगाया कि यह घटना किसी साजिश का हिस्सा हो सकती है।
अरविंद राजभर ने कहा कि उनके कार्यक्रमों में भी लगातार संदिग्ध लोगों के पहुंचने की जानकारी मिल रही है। उनकी गाड़ी को फॉलो किए जाने और पार्टी कार्यालय के आसपास संदिग्ध लोगों के देखे जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके कई कार्यकर्ताओं को धमकियां दी गई हैं।
उन्होंने दावा किया कि पिस्टल लेकर लोग पार्टी कार्यालय तक पहुंचे और अरविंद राजभर के दिखाई देने पर उन्हें मारने की धमकी दी। घटना के बाद पार्टी की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है।
‘डराकर चुप नहीं करा सकते’
अरविंद राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि अगर उन्हें लगता है कि डराकर सुभासपा को चुप कराया जा सकता है तो यह गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि पार्टी सवाल पूछती रहेगी और पिछड़ों तथा दलितों के मुद्दे उठाती रहेगी।

उन्होंने कहा कि सुभासपा लगातार यह सवाल पूछती रहेगी कि *PDA का दावा करने वाली समाजवादी पार्टी ही क्यों पिछड़ों और दलितों के साथ अत्याचार करती है। *
अरविंद राजभर ने कहा कि यदि अली नाम के व्यक्ति को अखिलेश यादव ने सुभासपा कार्यालय नहीं भेजा था तो उन्हें सार्वजनिक रूप से अपना स्पष्ट बयान जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव इस घटना पर अपना पक्ष स्पष्ट नहीं करते हैं तो सुभासपा इस घटना को उनके खिलाफ साजिश के तौर पर देखेगी।
हालांकि अरविंद राजभर ने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि उक्त व्यक्ति का किसी गैंग से संबंध हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में वास्तविक तथ्य पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे। सुभासपा ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि किसी भी तरह की धमकी या दबाव के बावजूद वह पिछड़ों, दलितों और आम जनता से जुड़े सवालों को उठाती रहेगी।
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