भारत में बहुआयामी कलाएं एक साथ पोषित व पल्लवित होती हैं : राज्यपाल

भारत में बहुआयामी कलाएं एक साथ पोषित व पल्लवित होती हैं : राज्यपाल
भारत में बहुआयामी कलाएं एक साथ पोषित व पल्लवित होती हैं : राज्यपाल


भारत में बहुआयामी कलाएं एक साथ पोषित व पल्लवित होती हैं : राज्यपाल


लखनऊ, 10 जून (हि.स.)। प्रदेश की राज्यपाल आंनदीबेन पटेल के प्रतिनिधि के रूप में अपर मुख्य सचिव डॉ सुधीर महादेव बोबडे ने राजभवन से आभासी माध्यम से उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, प्रयागराज के नवीनीकृत प्रेक्षागृह का उद्घाटन किया।

राज्यपाल के सम्बोधन को पढ़ते हुए अपर मुख्य सचिव ने भारत को अनेकता में एकता की अनूठी मिसाल वाला देश एवं विश्व का ऐसा देश बताया जहां बहुआयामी कलाएं एक साथ पोषित व पल्लवित होती हैं। विलुप्त होते जा रहे लोक कलाओं एवं गायन पर चिंता जाहिर करते हुए इसके उत्थान हेतु शोध एवं प्रशिक्षण को आवश्यक बताया गया।

राज्यपाल के उद्बोधन में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की विभिन्न मंचो पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रदर्शन एवं उपलब्धियों पर प्रसन्नता जाहिर की गयी एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से काशी तमिल संगमम, जी-20 सांस्कृतिक कार्यक्रम, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन अवसर पर एक साथ 1051 शंख वादकों द्वारा शंख वादन करने के विश्व रिकॉर्ड को सांस्कृतिक केन्द्र की उपलब्धि बताया गया।

राज्यपाल के सम्बोधन को पढ़ते हुए अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती तथा सांस्कृतिक केन्द्र विभिन्न आयु वर्ग के व्यक्तियों हेतु शिविर का आयोजन करें। इससे सांस्कृतिक केन्द्र पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चे उनके अनुभवों से लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रेक्षागृह के निर्माण से लोक कलाओं का विकास होगा तथा यह केन्द्र कला एवं साधकों के विकास में अपना अप्रतिम योगदान देते हुए प्रदेश को गौरवान्वित कर रहा है।

उद्घाटन अवसर पर आयोजित समारोह में एनसीजेडसीसी के कलाकारों द्वारा विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रस्तुतिकरण किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार/जितेन्द्र/आकाश

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