खुरपका-मुंहपका रोग की रोकथाम के लिए 22 जुलाई से प्रारम्भ होगा टीकाकरण

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खुरपका-मुंहपका रोग की रोकथाम के लिए 22 जुलाई से प्रारम्भ होगा टीकाकरण


खुरपका-मुंहपका रोग की रोकथाम के लिए 22 जुलाई से प्रारम्भ होगा टीकाकरण


लखनऊ, 14 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में खुरपका-मुंहपका रोग (एफएमडी) की प्रभावी रोकथाम के लिए आगामी 22 जुलाई से टीकाकरण अभियान प्रारम्भ होगा। प्रदेश में 08 सितम्बर 2026 तक संचालित होने वाले टीकाकरण अभियान के दौरान 3,37,80,404 खुराक लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह जानकारी प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने मंगलवार को दी।

मंत्री ने बताया कि एफएमडी टीकाकरण आगामी 22 जुलाई से उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक टीकाकरण का विवरण भारत पशुधन एप पर रियल टाइम अपलोड किया जाए।

पशुधन मंत्री ने विधान सभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि टीकाकरण अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जनपद स्तर पर माइक्रोप्लान तैयार कर टीकाकरण दलों का चिह्नांकन एवं प्रशिक्षण समय से पूर्ण किया जाए। वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निर्धारित 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान के अनुरूप भंडारण एवं परिवहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि टीकाकरण, कोल्ड चेन प्रबंधन और वैक्सीन की गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए पशुधन मंत्री ने संरक्षित निराश्रित गोवंश के समुचित भरण-पोषण, हरे चारे, भूसे, स्वच्छ पेयजल तथा वर्षाकाल के दृष्टिगत सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दुग्ध विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए धर्मपाल सिंह ने बरेली, मुरादाबाद एवं मेरठ मंडलों में दुग्ध समितियों के गठन की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध समितियों का सुदृढ़ नेटवर्क विकसित करते हुए अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों एवं पशुपालकों को संगठित दुग्ध क्षेत्र से जोड़ा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों का दुग्ध मूल्य भुगतान समय पर किया जाए।

बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने कहा कि पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने के साथ ही उनकी प्रगति की नियमित निगरानी भी की जाए।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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