मेरठ में 1857 की क्रांति की तरह जन्मेगा एक और आंदोलन : अखिलेश यादव

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मेरठ में 1857 की क्रांति की तरह जन्मेगा एक और आंदोलन : अखिलेश यादव


मेरठ में दुकानदारों के समर्थन में आए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव

लखनऊ, 13 अप्रैल (हि.स.)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि 1857 की क्रांति के बाद अब मेरठ से एक और स्वतंत्रता आंदोलन जन्मेगा और वो आज के साम्राज्यवादी सत्ताधारी गिरोह और उनके साथियों के खि़लाफ़ होगा।

उन्होंने कहा कि सच्चाई तो ये है कि बीजेपी ने पहले भूमि अधिग्रहण, काले क़ानूनों जैसे दुष्प्रयासों से खेतीबाड़ी-किसानी ख़त्म करनी चाही और अब यूएस डील और मल्टीनेशनल व कुछ अकूत दौलत के मालिकों के इशारे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)भारत का व्यापार ख़त्म कर रही है। जिससे कुल मिलाकर सारी इकॉनमी पर भाजपा व उनको सीधे चंदा देने वाले खरबपतियों का क़ब्ज़ा हो जाए और परंपरागत व्यापारियों का कारोबार सड़कों पर भी जगह न पा पाए।

समाजवादी पार्टी के आधिकारिक अकाउंट एक्स पर सोमवार को जारी पोस्ट में अखिलेश यादव मेरठ में तोड़ी जा रही दुकानों के पीड़ितों के समर्थन में खड़े दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो बड़े व्यापारी, स्टॉकिस्ट आज भी भाजपा के साथ हैं, आज-कल में वो भी भाजपा की गलत नीतियों और मंसूबों का शिकार बनेंगे, वो भी नहीं बचेंगे। ये बात अब सबको समझ आ रही है, इसीलिए हर व्यापारी, दुकानदार, कारख़ाना मालिक, सूक्ष्म-लघु-मध्यम स्तर का उद्यमी अब बीजेपी के विरूद्ध एकजुट हो रहा है। उसका भ्रम टूट गया है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि उसे (जनता) को भी अब समझ आ गया है कि ‘भाजपा किसी की सगी नहीं है। उन्होंने कहा कि दरअसल भाजपा का बुलडोज़र दुकानों-मकानों पर नहीं बल्कि भारत की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था पर चलाया जा रहा है। आज बीजेपी देश की अर्थव्यवस्था को ख़त्म करने का जितना बड़ा षड्यंत्र कर रही है, उतना बड़ा तो परतंत्रता के दौर में साम्राज्यवादियों ने भी नहीं किया था। आज भाजपा जिस आर्थिक ग़ुलामी को देशवासियों पर थोपने की साज़िश कर रही है, उसे देश के छोटे-से-छोटे व्यापारी, दुकानदार, रेहड़ी-पटरी-फेरीवाले से लेकर साप्ताहिक हाट, सब्ज़ी मार्केटवाले और बड़े कारोबारी, स्टॉकिस्ट, उद्यमी तक कामयाब नहीं होने देंगे। सब मिलकर इसका विरोध करेंगे।

अखिलेश यादव ने कहा कि मेरठ न तो 1857 की क्रांति भूला है न ये बात कि भाजपा ने 2014/19/24 के आम चुनावों की शुरुआत मेरठ से ही करी थी, इसीलिए भाजपा के निर्णायक अंत का आरंभ भी मेरठ ही करेगा। मेरठ से एक बार फिर ‘नया आर्थिक स्वतंत्रता आंदोलन’ जन्म ले रहा है। मेरठ आर्थिक ग़ुलामी को कभी स्वीकार नहीं करेगा। मेरठ फिर से स्वाधीनता का प्रतीक बनेगा, मेरठ न कभी झुका है, न झुकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

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