अखिलेश जी, विरासत में गद्दी मिल सकती है, बुद्धि नहीं, काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती: सीएम योगी

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बिठूर में वाल्मीकि जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित, कानपुर को दी 411 करोड़ से अधिक की 48 परियोजनाओं की सौगात

सीएम बोले - जो दंगाइयों के यार हों, जिनके लिए परिवार ही प्रदेश हो गया था, वे विकास क्या कराएंगे?

भीषण सर्दी में लोग जहां-तहां ठिठुरकर मर रहे थे और प्रदेश में तत्कालीन सीएम, सपा के मुखिया कानों में तेल डालकर, चादर ओढ़कर सो रहे थे

सपा और कांग्रेस ने प्रदेश में जो तांडव किया, आज फिर ये लोग उधर ही ले जाना चाहते हैं: सीएम

सपा का मतलब दंगा है, सपा का मतलब भ्रष्टाचार है, सपा का मतलब परिवारवाद है, सपा का मतलब प्रदेश में अराजकता हैः सीएम

जो कांग्रेस और सपा के संस्कार हैं, गंदगी में रहना, गंदे कार्य करना, अंधेरे में डकैती डालना, वही उन्होंने अयोध्या में भी किया: मुख्यमंत्री

कांग्रेस तो मानसिक रूप से दिवालिया हो चुकी है, विक्षिप्त हो चुकी है: सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने सपा अध्यक्ष से पूछा, अखिलेश जी- आपको बांग्लादेशी घुसपैठियों से इतना प्यार क्यों है

सीएम ने कहा - इससे पहले कि दंगाई सिर उठाएं, इनके जहरीले सिरों और फनों को कुचल देने की आवश्यकता है

बोले - अब तो समाजवादी पार्टी भी राम नाम का जप कर रही है, लेकिन याद रखना, आप बजरंगी हैं, कालनेमि को बजरंगी ने ही पहचाना था


कानपुर, 26 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कानपुर में 411 करोड़ से अधिक की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर बिठूर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने समाजवादी पार्टी, अखिलेश यादव और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा अध्यक्ष पर करारा तंज कसते हुए कहा कि विरासत में एक बार गद्दी मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिलती।

काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती

अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपको एक बार सत्ता विरासत में मिल गई थी, पर काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती। आपके कारनामों को देखकर प्रदेश की जनता आपको विदा कर चुकी है। दोबारा सपना देखना बंद करिए और याद रखिए कि विरासत में एक बार गद्दी मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिलती। बुद्धि के लिए प्रयास करना पड़ता है, जमीन पर उतरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आपकी हरकतों को देखकर मैं कह सकता हूं कि गद्दी तो आप एक बार भले ही पा गए, लेकिन अब गद्दी भी मिलने वाली नहीं है, और बुद्धि तो पहले से ही नदारद थी।

सपा को गंदगी में रहने की आदत, अंधेरे में डालते हैं डकैती

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम परंपरा और विरासत का सम्मान करने वाले लोग हैं। राम के अयोध्या आगमन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों तक अयोध्या में केवल टूटा-फूटा सड़क मार्ग था, बिजली गायब थी और गंदगी रहती थी। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संस्कार हैं, गंदगी में रहने की आदत, गंदे कार्यों को करने की आदत, अंधेरे में डकैती डालने की जो आदत थी, वही उन्होंने अयोध्या में भी किया। अयोध्या को बिजली नहीं दी गई, विकास नहीं हुआ और भाजपा सरकार ने जब कार्ययोजना बनाई तो इन्होंने रोड़े अटकाए। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के समय भी इन्होंने हर हाल में रोड़े अटकाने का प्रयास किया, ताकि मंदिर न बने, विकास न हो और एयरपोर्ट न बने। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रामलला का भव्य मंदिर बन चुका है। राम जन्मभूमि परिसर में वाल्मीकि मंदिर, गोस्वामी तुलसीदास मंदिर, शबरी माता और निषादराज के मंदिर भी हैं। शृंगवेरपुर में राम और निषादराज की 56 फुट ऊंची मिलन प्रतिमा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोग पूछते थे इसकी आज क्या आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह मित्रता जब तक रहेगी, तब तक सपा और कांग्रेस के राज का स्वाहा होना तय मानकर चलो।

पहली कैबिनेट में ही सपा ने हटा दिए थे महापुरुषों के नाम

सपा के कार्यकाल पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2012 में सरकार बनने पर पहली कैबिनेट में इन्होंने भदोही के नाम से संत रविदास नगर हटाया, कन्नौज के मेडिकल कॉलेज से बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का नाम हटाया और लखनऊ के भाषा विश्वविद्यालय से मान्यवर कांशीराम का नाम हटाकर उसे मोइनुद्दीन चिश्ती के नाम पर कर दिया। काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 2017 से पहले जहां 20 श्रद्धालु भी एक साथ दर्शन नहीं कर सकते थे, वहां आज 20,000 श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कारण ही डॉ. आंबेडकर से जुड़े पंचतीर्थों का विकास हुआ और संविधान को सम्मान मिला, जब उन्होंने संविधान की प्रति सिर पर रखकर नई संसद में स्थापित की। उन्होंने कहा कि जो लोग दंगाइयों के यार हों, जिन्होंने अराजकता पैदा करना और अंधेरे में रखकर डकैती डालना अपने जीवन का हिस्सा बना लिया था, जिनके लिए परिवार ही प्रदेश हो गया था, वे विकास क्या कराएंगे?

छोटे मियां और बड़े मियां को घुसपैठियों से बड़ा प्यार है

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सपा अध्यक्ष का एक बयान पढ़ रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समय देश के अंदर दो मियां हैं, एक छोटे मियां, एक बड़े मियां। छोटे मियां और बड़े मियां को घुसपैठियों से बड़ा प्यार है। ये बांग्लादेशी घुसपैठियों को गले लगाते हैं और दलितों, वंचितों, गरीबों, अन्नदाता किसानों और युवाओं का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस को लंबे समय तक शासन का अवसर मिला। तब किसान आत्महत्या करने को मजबूर था, गरीब भूखों मरता था, युवाओं को नौकरी नहीं मिलती थी और नौकरी के नाम पर उनके हक पर डकैती डाली जाती थी। उन्होंने कहा कि नारी की सुरक्षा के लिए सपा स्वयं खतरा बनी हुई थी, उसके गुंडे व्यापारियों और गरीबों की जमीनों पर कब्जा करते थे और दंगाइयों को मुख्यमंत्री अपने आवास पर सम्मानित करते थे। कोसी कलां और मथुरा के जवाहर बाग की घटनाओं को याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि सपा से जुड़े नेता ने दो वर्षों से सैकड़ों एकड़ के पार्क में कब्जा और निर्माण कर रखा था। उसे हटाने गए एसपी मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव की हत्या कर दी गई। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं थी, तो सामान्य नागरिकों का क्या हाल होता था ? मुजफ्फरनगर दंगे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, मेरठ और बुलंदशहर यानी पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश लंबे समय तक जलता रहा। भीषण सर्दी में लोग जहां-तहां ठिठुरकर मर रहे थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री, समाजवादी पार्टी के मुखिया कानों में तेल डालकर, चादर ओढ़कर चुपचाप सो रहे थे। इन्होंने प्रदेश में जो तांडव किया, आज फिर ये लोग उधर ही ले जाना चाहते हैं।

अखिलेश जी को घुसपैठियों से इतना प्यार क्यों?

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये लोग संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करते हैं। न्यायालय का अपमान करते हैं, बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों का समर्थन करते हैं और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को ही घुसपैठिया बताकर अपमानित करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि अखिलेश जी, आपको बांग्लादेशी घुसपैठियों से इतना प्यार क्यों है? उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर में अखिलेश और उनकी पार्टी ने घुसपैठियों के नाम जबरन डलवाकर गरीबों के हक को लूटने का काम किया। उन्होंने कहा कि घुसपैठिया जब आता है तो यही लोग उसके राशन कार्ड बनवाते हैं और गरीब का राशन उस तक पहुंचाते हैं। यही कारण था कि 2017 से पहले गरीब भूखों मरता था, किसान आत्महत्या को मजबूर था, बेटियों की सुरक्षा खतरे में थी और विदेशी घुसपैठिए, जहां मर्जी कब्जा कर लेते थे।

हिंदुओं, बौद्धों, जैनों और सिखों से इनकी जन्मजात दुश्मनी: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से निकाले गए हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख को नागरिकता और सम्मानजनक जीवन की सुविधा देने की व्यवस्था थी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इसका विरोध किया, यानी हिंदुओं, बौद्धों, जैनों और सिखों से इनकी जन्मजात दुश्मनी है। उन्होंने कहा कि इन्होंने तोड़फोड़ और आगजनी की और कानपुर में भी हिंसक वारदात का प्रयास किया। एक तरफ घुसपैठियों की मदद करना और दूसरी तरफ यहां के गरीबों और वंचितों को घुसपैठिया कहकर अपमानित करना इनकी नियति बन चुकी है।

दंगाइयों का उपचार केवल भाजपा के पास

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1931 में इसी कानपुर में दंगा हुआ, जिसमें निर्दोष हिंदुओं की जान बचाते-बचाते निर्भीक और राष्ट्रवादी पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की हत्या दंगाइयों ने की। उन्होंने कहा कि विधायक राहुल बच्चा सोनकर के पिता की भी उन्हीं दंगाइयों ने निर्मम हत्या की थी। दंगाइयों का उपचार केवल और केवल भाजपा की डबल इंजन सरकार के पास है। विजयादशमी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और हर गांव, शहर, वार्ड और घर में उल्लास का माहौल था। यही खुशहाली, यही उत्सव का माहौल तो रामराज्य है। उन्होंने पूछा कि क्या 2017 से पहले कोई सोचता था कि यहां ब्रह्मावर्त घाट बनेगा, वाल्मीकि आश्रम को भव्य स्वरूप मिलेगा या नाना साहब पेशवा और तात्या टोपे का भव्य स्मारक बनेगा। उन्होंने कहा कि तब की सरकार के एजेंडे में न विकास था, न विरासत, न गरीबों का कल्याण और न युवाओं को रोजगार। उन्होंने कहा कि जो पैसा आज ब्रह्मावर्त घाट, वाल्मीकि आश्रम, पेशवा-टोपे स्मारक, काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या, विंध्यवासिनी धाम और मथुरा-वृंदावन में लग रहा है, वही पैसा 2017 से पहले कब्रिस्तान की बाउंड्री के नाम पर गरीबों की जमीनों पर कब्जा करने में खर्च होता था। 
उन्होंने कहा कि माफिया के हमदर्द और कब्रिस्तान के नाम पर गरीबों और व्यापारियों की जमीनों पर कब्जा करने वालों पर कभी विश्वास करने की आवश्यकता नहीं। ये लोग फिर से बांटेंगे और बांटकर वही करेंगे, जो इन्होंने गणेश शंकर विद्यार्थी और बच्चा सोनकर के साथ किया था, इसी कानपुर में। उन्होंने कहा कि ये मौका इनको कतई नहीं देना। इससे पहले कि दंगाई सिर उठाएं, इनके जहरीले सिरों और फनों को कुचल देने की आवश्यकता है। उन्होंने बिल्हौर की जनता का अभिनंदन किया, जिसने स्वर्गीय बच्चा सोनकर को श्रद्धांजलि देते हुए उनके पुत्र राहुल बच्चा सोनकर को विधायक बनाकर भेजा। उन्होंने कहा कि बजरंग दल के पदाधिकारी रहे बच्चा सोनकर ने सनातन की रक्षा के लिए खुद को बलिदान किया और सपा की क्रूर तुष्टीकरण की नीति का शिकार हुए।

सपा का मतलब दंगा, भ्रष्टाचार, परिवारवाद

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा का मतलब दंगा है, सपा का मतलब भ्रष्टाचार है, सपा का मतलब परिवारवाद है, सपा का मतलब युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ है, सपा का मतलब प्रदेश में अराजकता है। उन्होंने कहा कि इन भ्रष्टाचारियों, अराजकतावादियों, माफिया के हमदर्दों और दंगाइयों के दोस्तों को समय रहते पहचानने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ये नए-नए लबादे ओढ़कर आएंगे। अब तो समाजवादी पार्टी भी राम नाम का जप कर रही है, लेकिन याद रखना, आप बजरंगी हैं। कालनेमि को बजरंगी ने ही पहचाना था। इन सब पर विश्वास करने की आवश्यकता नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने सद्गुरु रविदास जी की जन्मभूमि का पुनरुद्धार कार्य आगे बढ़ाया है। लखनऊ में वीरांगना उदा देवी पासी के नाम पर पीएसी की नई बटालियन बनाई है, बदायूं में वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर महिला बटालियन और गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर नई बटालियन का गठन किया है। लखनऊ में महाराजा बिजली पासी का भव्य स्मारक बनाया जा रहा है और किले को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अवैध कब्जे में था, समाजवादी पार्टी के समय इन पर अवैध कब्जा हो चुका था, अब कब्जा मुक्त हो चुका है। झांसी किले में लाइट एंड साउंड कार्यक्रम रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य और 1857 की गाथा को युवाओं के सामने रखता है।

कांग्रेस मानसिक रूप से दिवालिया

राम का संबंध जोड़ने का श्रेय वाल्मीकि, गोस्वामी तुलसीदास और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के जरिये प्रधानमंत्री मोदी को देते हुए उन्होंने कहा कि जो राम विरोधी हैं, वे कैसे स्वीकार कर सकते हैं इस बात को, इसलिए अनर्गल प्रलाप करते हैं। कांग्रेस तो मानसिक रूप से दिवालिया हो चुकी है, विक्षिप्त हो चुकी है। नए-नए षड्यंत्रों को जन्म देती है। देश की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करती है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की नियति बेईमानी, भ्रष्टाचार, अराजकता और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ बन चुकी थी, जिन्होंने भारत के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, वे आज संवैधानिक संस्थाओं पर अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को सबक सिखाने का समय आने वाला है और अपील की कि जो लोग देश की संवैधानिक संस्थाओं और स्वाधीनता सेनानियों का अपमान कर रहे हैं, उन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार न किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग लक्ष्मीबाई, नाना साहब पेशवा, तात्या टोपे, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, बाबा साहब आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने जिस संविधान का निर्माण किया, उसकी संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर ये लोग संविधान और स्वाधीनता सेनानियों, दोनों का अपमान कर रहे हैं।

आज जो कार्य हो रहे हैं, यही है रामराज्य

मुख्यमंत्री ने रामचरितमानस की पंक्ति "नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना, नहिं कोउ अबुध न लच्छन हीना" का उल्लेख करते हुए कहा कि आज जो कार्य हो रहे हैं, यही रामराज्य है। उन्होंने कहा कि ये पंक्तियां डबल इंजन सरकार के कार्यों को सामने रखती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने विकास भी कराया, विरासत का सम्मान भी किया और गरीबों के कल्याण की योजनाएं भी दीं। प्रदेश में 16 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन मिला। प्रधानमंत्री आवास योजना में 65 लाख गरीबों को आवास, 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत की सुविधा, उज्ज्वला योजना में 2 करोड़ लोगों को रसोई गैस सिलेंडर, दीपावली पर हर आयुष्मान और उज्ज्वला लाभार्थी को एक-एक मुफ्त सिलेंडर मिला। 67 लाख छात्रों को प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप प्रदान की गई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 5 लाख से अधिक बेटियों की शादी, प्रत्येक पर ₹1 लाख का अनुदान दिया जा रहा है। 

जहां नारी का सम्मान होता है, वह धरती तीर्थ बन जाती है

उन्होंने कहा कि योजनाओं में कोई भेदभाव नहीं है, सबका साथ, सबका विकास है। कानपुर में मेट्रो की सुविधा हो गई, एयरपोर्ट चालू हो गया, लखनऊ को जोड़ने वाला नया एक्सप्रेसवे मिल गया, ट्रांस गंगा क्षेत्र में गंगा पर नए पुल को स्वीकृति देकर काम आगे बढ़ा दिया गया और बाईपास का निर्माण हो रहा है। बिठूर में घाटों का निर्माण और पुनरुद्धार हो रहा है। उन्होंने बताया कि वे महर्षि वाल्मीकि के उस मंदिर के दर्शन करके आए हैं, जहां रहकर महर्षि ने साधना की और रामायण की रचना प्रारंभ की। वर्ष 2017 से पहले यह मंदिर एकदम जर्जर हालत में था, आज भव्य हो चुका है और पूरा आश्रम भव्य रूप ले चुका है। उन्होंने बिठूर को विरासत की भूमि बताते हुए कहा कि कहते हैं ब्रह्मा जी ने सृष्टि निर्माण का शुभारंभ इसी घाट से किया था। इस धरा ने महर्षि वाल्मीकि की साधना का प्रभाव देखा और अयोध्या की राजरानी को आश्रय देकर यह प्रमाणित किया कि जहां नारी का सम्मान होता है, वह धरती तीर्थ बन जाती है। उन्होंने कहा कि जहां नारी की गरिमा का सम्मान होगा, वहां लव-कुश जैसे वीर बालक शौर्य का परिचय देंगे। उन्होंने कहा कि यहीं आदिकवि वाल्मीकि ने दुनिया का पहला महाकाव्य रामायण रचा, जिसने भगवान राम के आदर्श को जन-जन तक पहुंचाया। यही वह भूमि है, जहां 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में नाना साहब पेशवा और तात्या टोपे के सेनापतित्व में अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए गए। उन्होंने बताया कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, यानी "मनु", का बचपन बिठूर में बीता और उनकी घुड़सवारी व तलवारबाजी की कला इसी धरा की देन है। 

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सचान, मंत्री प्रतिभा शुक्ला, सांसद रमेश अवस्थी, महापौर प्रमिला पांडे, जिला पंचायत प्रशासक स्वप्निल वरुण, बिठूर के विधायक अभिजीत सिंह सांगा, विधायक बिल्हौर मोहित सोनकर राहुल बच्चा, विधायक नीलिमा कटियार, विधायक महेश त्रिवेदी, विधायक सरोज कुरील, विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक, अविनाश सिंह चौहान, मानवेंद्र सिंह, भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू, जिलाध्यक्ष ग्रामीण उपेंद्र पासवान, जिलाध्यक्ष उत्तर अनिल दीक्षित, जिलाध्यक्ष कानपुर दक्षिण श्री शिवराज सिंह, नवनिर्वाचित नगर पंचायत परिषद बिठूर के अध्यक्ष राणा समरेंद्र सिंह उपस्थित रहे।

बिठूर-बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के लिए इन परियोजनाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ₹159 करोड़ से अधिक की लागत से मंधना-गंगा बैराज-शुक्लागंज-पुरवा-मोहनलालगंज मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-173) के 16 किलोमीटर लंबे हिस्से का दो लेन से चार लेन में चौड़ीकरण, ₹26 करोड़ की लागत से डिफेंस कॉरिडोर परियोजना के कानपुर नोड में आंतरिक सड़क, तालाब, बाउंड्री वॉल और एसटीपी निर्माण सहित अन्य कार्य तथा ₹15 करोड़ की लागत से लखनऊ-मोहान-बांगरमऊ-नानामऊ-बिल्हौर-बेला-इटावा मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-40) के 5.52 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया गया।

बिठूर-बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के लिए इन परियोजनाओं का शिलान्यास
मुख्यमंत्री द्वारा ₹48.52 करोड़ की लागत से विकासखंड चौबेपुर के ग्राम बनी और विकासखंड बिधनू के ग्राम खेरसा में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण, ₹31.50 करोड़ की लागत से बॉटनिकल गार्डन के विकास तथा ₹19 करोड़ से अधिक की लागत से न्यू कानपुर सिटी योजना में 30 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान सड़क के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।

मंच पर इन्हें मिला प्रमाण पत्र
मंच पर मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना जीरो पावर्टी के तहत रीना, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना दैवीय आपदा के तहत सौरभ यादव, मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत आशुतोष पांडेय, लखपति दीदी सीमा एवं रुखसार बानो, स्वदेशी गो-संवर्धन योजना के तहत प्रियांशु, आयुष्मान भारत योजना के तहत सुषमा कुशवाहा तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत डॉ. दीप्ति तिवारी को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त सफाईकर्मी राजपाल वाल्मीकि एवं शिवम वाल्मीकि को भी मंच पर सम्मानित किया गया।

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