अखिलेश ने कैंसिल की सहारनपुर की रैली, राजभर ने कसा तंज, बोले- हिम्मत है तो सभा करके दिखाइए
‘किसी को चवन्नी, किसी को नीच… क्या यही आपका PDA है?’ राजभर का अखिलेश पर हमला
‘आंख खोलिए अखिलेश भाई…’ राजभर का हमला, बोले- लठैतों का दौर 2017 में ही खत्म हो गया
दादरी के बाद सहारनपुर की बारी? राजभर ने अखिलेश को ललकारा-हिम्मत है तो सभा करके दिखाइए
सहारनपुर में सभा करने की हिम्मत नहीं, अखिलेश भाई? राजभर बोले- 'चवन्नी' ने 36 बिरादरी को आपके खिलाफ खड़ा कर दिया
अखिलेश यादव की सहारनपुर में प्रस्तावित रैली रद्द होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने उन पर तीखा तंज कसा है। गुरुवार को सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में राजभर ने सवाल उठाया कि आखिर अखिलेश यादव सहारनपुर जाकर जनसभा को संबोधित करने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पा रहे हैं।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट की शुरुआत राजभर ने भजन की पंक्ति से की-'उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहां जो तू सोवत है।' इसके बाद उन्होंने सीधे अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए लिखा, 'अखिलेश भाई, यह भजन आपके लिए है। जग जाइए, आंख खोल लीजिए।'
राजभर यहीं नहीं रुके। उन्होंने अखिलेश यादव को सहारनपुर जाकर जनसभा करने की चुनौती देते हुए सवाल उठाया कि आखिर वहां जाने की हिम्मत क्यों नहीं हो रही है। राजभर ने तंज कसा कि ‘चवन्नी’ के चक्कर में अब 36 बिरादरी अखिलेश यादव के खिलाफ खड़ी हो गई है।
'किसी को चवन्नी, किसी को नीच, किसी को… आखिर मिलता क्या है?'
ओपी राजभर ने अपने पोस्ट में सपा और उसके नेताओं की भाषा पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सपा के लोग ऐसी भाषा का इस्तेमाल क्यों करते हैं। राजभर ने लिखा कि किसी जाति को ‘चवन्नी’, किसी को ‘नीच’, किसी को ‘वेश्या’ तो किसी को ‘चोर’ कहा जाता है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इस तरह की बयानबाजी से उन्हें मिलता क्या है?
राजभर ने इसे सीधे अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले से जोड़ दिया। उन्होंने पूछा कि क्या यही उनका PDA है? गैर-यादव ओबीसी जातियों को अपमानित करके आखिर सपा को कौन सा राजनीतिक सुख मिलता है?
'लाठी के दम पर सरकार बनाने का दौर 2017 में चला गया'
राजभर ने अखिलेश यादव के राजनीतिक तौर-तरीकों पर भी हमला करते हुए कहा कि वह आज भी इसी घमंड में जी रहे हैं कि लाठी के दम पर सरकार बना लेंगे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अगर अब भी यही मुगालता है तो उन्हें जान लेना चाहिए कि 'लठैतों का दौर 2017 में चला गया।' राजभर ने बेहद तीखे अंदाज में लिखा कि वह दौर अब न 2027 में लौटेगा और न ही अगली पैदाइश में।
दादरी की ‘फ्लॉप सभा’ का जिक्र, दूसरी जनसभा पर भी तंज
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव की दादरी की सभा को भी निशाने पर लिया। उन्होंने उसे ‘फ्लॉप सभा’ बताते हुए दावा किया कि उसके बाद अखिलेश यादव दूसरी कोई बड़ी सभा करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अभी तो ‘चवन्नी’ का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिखना शुरू हुआ है और आने वाले दिनों में पूर्वांचल समेत पूरे प्रदेश में यही माहौल बनने वाला है।
पोस्ट के आखिर में राजभर ने एक और तंज कसा। उन्होंने खुद को अखिलेश यादव का शुभचिंतक बताते हुए लिखा कि वह उन्हें सलाह दे रहे हैं।

