फार्मा सेक्टर में भी एआई आधारित अनुसंधान जरूरी : डॉ. जीएन सिंह

WhatsApp Channel Join Now
फार्मा सेक्टर में भी एआई आधारित अनुसंधान जरूरी : डॉ. जीएन सिंह


फार्मा सेक्टर में भी एआई आधारित अनुसंधान जरूरी : डॉ. जीएन सिंह


गोरखपुर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के फार्मास्यूटिकल साइंसेज संकाय द्वारा ‘डिजिटल हेल्थ, एआई एंड स्मार्ट फार्मा फॉर विकसित उत्तर प्रदेश-फार्मा फ्यूचरएक्स 2026’ विषय पर शुक्रवार को इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।

एमजीयूजी के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए यूपी के मुख्यमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार एवं भारत सरकार के पूर्व औषधि महानियंत्रक डॉ. जीएन सिंह ने कहा कि आज के दौर में फार्मा सेक्टर में भी प्रौद्योगिकी के प्रयोग से लगातार उन्नयन हो रहा है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ रहे डिजिटल और एएआई टूल्स के प्रयोग ने यह जरूरी कर दिया है कि फार्मा सेक्टर भी खुद को स्मार्ट टेकनोलॉजी के अनुरूप तैयार करें। उन्होंने कहा कि फार्मा क्षेत्र में भी एआई आधारित औषधि अनुसंधान, दवा नियमन में सुधार तथा नवाचार की आवश्यकता है।

विशिष्ट अतिथि महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के. रामचंद्रा रेड्डी ने कहा कि नवाचार के लिए समय के अनुरूप चलने वाली प्रौद्योगिकी को अपनाना आवश्यक है। वर्तमान दौर की प्रौद्योगिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से काफी प्रभावित है। ऐसे में हेल्थ सेक्टर में भी इसका प्रयोग बढ़ रहा है। विशिष्ट अतिथि राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, एकेटीयू के निदेशक डॉ. बीएन मिश्रा, सहायक आयुक्त औषधि पूरन चंद्र, विशेष अतिथि डॉ. कंचन कोहली (यूनिवर्सिटी ऑफ कुआलालम्पुर, मलेशिया) ने भी विचार व्यक्त किए।

कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए एमजीयूजी के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह ने विश्वविद्यालय की अनुसंधान दृष्टि और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में तकनीकी नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया। स्वागत संबोधन में डॉ. एमएन पुरोहित ने सम्मेलन की रूपरेखा और डिजिटल हेल्थ तथा एआई की महत्ता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। आभार ज्ञापन डॉ. शशिकांत सिंह ने किया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

Share this story