जन भवन में छात्रों को सेना व प्रतियोगी परीक्षाओं में करियर के लिए मार्गदर्शन
लखनऊ, 04 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से सोमवार को जन भवन, लखनऊ में संचालित आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जन भवन के विद्यार्थियों हेतु एक विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अग्निवीर योजना, सेना में भर्ती की प्रक्रिया तथा उनके समग्र भविष्य निर्माण के लिए प्रेरित एवं प्रशिक्षित करना था।
कार्यक्रम में विशेष कार्याधिकारी राज्यपाल डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे, कर्नल अजय पटियाल तथा परिसहाय राज्यपाल पुनीत द्विवेदी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करते हुए उनके विभिन्न प्रश्नों का विस्तार पूर्वक उत्तर दिया। विद्यार्थियों ने सेना में भर्ती, अग्निवीर योजना, एनसीसी की भूमिका, उच्च सैन्य पदों तक पहुँचने के मार्ग, तथा आईपीएस एवं यूपीएससी जैसी सेवाओं से संबंधित जिज्ञासाएँ व्यक्त कीं।
डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे ने विद्यार्थियों को जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी उद्देश्य के प्रति निरंतर चिंतन करने से वह हमारे कर्मों में उतरता है, और धीरे-धीरे आदत बनकर सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने सकारात्मक सोच के महत्व पर बल देते हुए कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुसार करियर का चयन करें तथा उसी दिशा में निरंतर प्रयास करें। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आदर्श माध्यमिक विद्यालय का वर्तमान स्वरूप राज्यपाल महोदया की सकारात्मक सोच एवं प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी जीवन यात्रा के संघर्षों से अवगत कराते हुए बताया कि कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिदिन आत्ममंथन करते हुए यह विचार करना चाहिए कि दिनभर में क्या किया और अगले दिन क्या करना है। विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी, विषय चयन एवं अध्ययन पद्धति पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने राज्यपाल बनने की प्रक्रिया से संबंधित प्रश्न भी पूछे, जिस पर मार्गदर्शन प्रदान करते हुए उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पुस्तक “चुनौतियां मुझे पसंद हैं” पढ़ने हेतु प्रोत्साहित किया गया, जिससे विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके।
विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए कर्नल अजय पटियाल ने कहा कि जीवन में वही कार्य करें जो उन्हें वास्तव में पसंद हो, क्योंकि उसी में सफलता के रास्ते स्वतः निर्मित होते हैं। उन्होंने सेना में भर्ती की प्रक्रिया, अग्निवीर योजना तथा सेना के अनुशासन और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सेना में सबसे बड़ी चुनौती परिवार को पर्याप्त समय न दे पाना है, लेकिन संगठन सदैव सैनिकों के परिवार के साथ खड़ा रहता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, जिम्मेदारी और आचरण की महत्ता समझाते हुए प्रेरित किया कि वे दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हों।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय

