बारिश, जलभराव और बढ़ते गंगा जलस्तर से कानपुर बेहाल, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

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बारिश, जलभराव और बढ़ते गंगा जलस्तर से कानपुर बेहाल, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


बारिश, जलभराव और बढ़ते गंगा जलस्तर से कानपुर बेहाल, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


बारिश, जलभराव और बढ़ते गंगा जलस्तर से कानपुर बेहाल, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


कानपुर, 26 सितंबर (हि.स.)। प्रदेश भर के तमाम शहरों में 24 घंटे से अधिक समय से हो रही बारिश के चलते कानपुर में एक बार फिर गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को कानपुर बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 113.80 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी स्तर 114 मीटर से महज 20 सेंटीमीटर नीचे है। लगातार बारिश से शहर में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

बारिश का असर शहर की सड़कों पर भी दिखाई दिया। कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। कई जगह सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बिठूर थाना क्षेत्र के लवकुश नगर में बारिश के दौरान एक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया।

सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। वहीं, बारिश के चलते घाटमपुर के इटर्रा गांव में भी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। गांव में जलभराव बढ़ने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा के मद्देनजर भारी बारिश को देखते हुए कक्षा एक से 12 तक के सभी स्कूलों में आज अवकाश घोषित किया गया है।

कानपुर बैराज के डाउनस्ट्रीम में गंगा का जलस्तर 112.34 मीटर दर्ज किया गया। बैराज से 91,945 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। वहीं, शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 110.97 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 113 मीटर से 2.03 मीटर नीचे है। हरिद्वार बैराज से 44,549 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 17,294 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है।

लगातार बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। संबंधित विभागों को जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी किनारे के इलाकों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया के जरिए देर शाम महापौर प्रमिला पांडेय ने भी शहरवासियों से अपील की है कि बारिश की स्थिति को देखते हुए बेहद आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।

जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने अधिकारियों को गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी करने और तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जलस्तर में होने वाले बदलाव की नियमित जानकारी ली जाए और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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