कोलकाता, बनारस, वृंदावन, जयपुर के फैंसी बंदनवार से सजेंगे पीतलनगरी के लोगों के घरों व मंदिरों के द्वार

WhatsApp Channel Join Now
कोलकाता, बनारस, वृंदावन, जयपुर के फैंसी बंदनवार से सजेंगे पीतलनगरी के लोगों के घरों व मंदिरों के द्वार


कोलकाता, बनारस, वृंदावन, जयपुर के फैंसी बंदनवार से सजेंगे पीतलनगरी के लोगों के घरों व मंदिरों के द्वार


कोलकाता, बनारस, वृंदावन, जयपुर के फैंसी बंदनवार से सजेंगे पीतलनगरी के लोगों के घरों व मंदिरों के द्वार


कोलकाता, बनारस, वृंदावन, जयपुर के फैंसी बंदनवार से सजेंगे पीतलनगरी के लोगों के घरों व मंदिरों के द्वार


मुरादाबाद, 04 नवम्बर (हि.स.)। दीपावली नजदीक आते ही सजावट के सामान की दुकानों पर भीड़ उमड़ने लगी है। बंदनवार, कंडील, डेकोरेट झालर से लेकर आर्टीफिशियल फूल, खरीदारी बढ़ गई है। जयपुरी हैंगिंग व बंसीवाले गणेश भगवान भी बहुत पसंद किए जा रहे हैं।

कोलकाता, बनारस, वृंदावन, जयपुर के फैंसी बंदनवार से लोगों के घर व मंदिरों के द्वार सजेंगे। वहीं घरों को सजाने के लिए इस बार आर्टिफिशियल सामान से भी दुकानें गुलजार हैं। बदले दौर में दीपावली पर घर-आंगन रोशन करने के लिए नए जमाने के चिरागों की दरकार है तो बाजार भी इस बार झालर, दीये और मोमबत्ती के नए अवतार से आबाद हैं।

बदलते वक्त के साथ मोमबत्तियों के पैटर्न और डिजाइन में भी बदलाव आया है। अब मोमबत्तियां एक जगह रखी-रखी पिघलतीं नहीं बल्कि तैरती भी हैं। इन्हें फ्लोटिंग कैंडलस भी कहा जाता है। खुशबूदार मोमबत्ती को एरोमेटिक कैंडल कहा जाता है। बाजार में कैंडल के अलावा अलग आकार और रंग के लैंप भी आए हैं, जिनके जरिए घरों को आकर्षक लुक दे सकते हैं। कलरफुल कार्ड को अलग-अलग शेप में काटकर तैयार किए गए इन लैंप्स को लोग सजावट के लिए खूब पसंद कर रहे हैं। बॉल व झूमर के अलावा इस बार तितली, खरबूजा लैंप लोग बेहद पसंद कर रहे हैं।

गुप्ता गोटा स्टोर बर्तन बाजार अमरोहा गेट के संचालक विपिन गुप्ता ने बताया कि दीपावली को लेकर बाजारों में साज-सज्जा के सामान की भरमार है। इस बार काशी (बनारस), कोलकाता, जयपुर व गुजरात के बंदनवार से लोगों के घर व मंदिरों के द्वार सजेंगे।

इस बार फूलों की आर्टिफिशियल लहड़ी, बनारसी फूल, लक्ष्मी माता के चरण, रंगोली कलर, रंगोली सांचे, गौमाता, हैंगिंग, शुभ-लाभ, शुभ दीपावली, अलग-अलग तरह के डिजाइन के आए हुए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

772373 Articles

Share this story