सीएसजेएमयू के फार्मास्युटिकल साइंसेज में प्रवेश शुरू, करियर के बेहतर अवसर

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सीएसजेएमयू के फार्मास्युटिकल साइंसेज में प्रवेश शुरू, करियर के बेहतर अवसर


कानपुर, 10 अप्रैल (हि.स.)। फार्मेसी के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय का स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान कर रहा है, जहां आधुनिक शिक्षा, उन्नत शोध और शत-प्रतिशत प्लेसमेंट के माध्यम से विद्यार्थियों को मजबूत भविष्य दिया जा रहा है। संस्थान में तकनीक आधारित शिक्षण, अनुभवी संकाय और अत्याधुनिक संसाधनों के जरिए छात्रों को उद्योगों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। “फार्मेसी के क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। यह बातें शुक्रवार को विश्वविद्यालय के कुलपति विनय कुमार पाठक ने कही।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए फार्मेसी पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। संस्थान को वर्ष 2024 एवं 2025 में राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग ढांचे में स्थान प्राप्त हुआ है, जो इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है। विभाग में भारतीय फार्मेसी परिषद से मान्यता प्राप्त डी.फार्मा, बी.फार्मा, बी.फार्मा (द्वितीय वर्ष में प्रवेश) एवं एम.फार्मा पाठ्यक्रम संचालित हैं।

डी.फार्मा दो वर्ष का पाठ्यक्रम है, जिसमें 60 सीटें और 1,01,200 रुपये वार्षिक शुल्क निर्धारित है। बी.फार्मा चार वर्ष का पाठ्यक्रम है, जिसमें 100 सीटें और 1,11,200 रुपये वार्षिक शुल्क है, जबकि बी.फार्मा (द्वितीय वर्ष में प्रवेश) में 10 सीटें उपलब्ध हैं। एम.फार्मा दो वर्ष का पाठ्यक्रम है, जिसमें फार्मास्यूटिक्स, फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी और फार्माकोग्नोसी विषयों में विशेषज्ञता दी जाती है।

प्रवेश प्रक्रिया के तहत बी.फार्मा में प्रवेश विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा के आधार पर होगा, जबकि डी.फार्मा और एम.फार्मा में प्रवेश साक्षात्कार और मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। एम.फार्मा में प्रवेश के लिए बी.फार्मा में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं।

संस्थान में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं, विभागीय पुस्तकालय, संगोष्ठी कक्ष, कंप्यूटर लैब, छात्रावास, एनीमल हाउस और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। अनुसंधान के क्षेत्र में भी संस्थान अग्रणी है, जहां 74 उच्च स्तरीय शोध पत्र, 14 पुस्तकें, 22 पुस्तक अध्याय और 24 पेटेंट प्रकाशित किए गए हैं। नैनोफाइबर तकनीक, ग्रीन सिंथेसिस, औषधीय पौधों पर शोध और प्रायोगिक अध्ययन जैसे क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है।

फार्मेसी का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, जहां छात्र दवा निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, अनुसंधान एवं विकास, विपणन, अस्पतालों में फार्मासिस्ट, क्लिनिकल रिसर्च, ड्रग इंस्पेक्टर तथा उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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