ईंधन व खेती को लेकर प्रशासन अलर्ट
गोरखपुर, 23 मई (हि.स.)।
जिले में एक ओर जहां धान रोपाई के लिए किसान तेजी से वेहन (नर्सरी) डालने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी है। जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) रामेंद्र प्रताप सिंह ने इंडियन ऑयल (IOC) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में ईंधन और गैस की कमी नहीं होनी चाहिए।
डीएसओ ने कहा कि धान रोपाई का समय किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में डीजल की उपलब्धता बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी पेट्रोल पम्प संचालकों को निर्देशित किया कि समय से डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति सुनिश्चित करें और कोई भी पम्प “ड्राई” न होने पाए। साथ ही गैस एजेंसियों को भी निर्देश दिया गया कि घरेलू सिलेंडरों की सप्लाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।
उधर, खेतों में धान की नर्सरी डालने का कार्य जोरों पर है। किसान सुबह-शाम मेहनत कर फसल की तैयारी में लगे हुए हैं। प्रशासन ने कृषि विभाग और सिंचाई विभाग को निर्देशित किया है कि किसानों को बीज, खाद, पानी और बिजली की कोई कमी न हो। अधिकारियों को गांव-गांव जाकर स्थिति की निगरानी करने और समस्याओं का तुरंत समाधान करने के लिए कहा गया है।
बैठक में तेल कम्पनियों के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि गोरखपुर में डीजल, पेट्रोल और गैस की सप्लाई सुचारू रूप से जारी रहेगी। मांग बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त आपूर्ति की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसानों और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डीएसओ रामेंद्र प्रताप सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी पेट्रोल पम्प या गैस एजेंसी पर लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता और किसानों की सुविधा सर्वोपरि है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस संयुक्त पहल से जिले के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। एक तरफ जहां खेती के लिए जरूरी डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू उपयोग के लिए गैस सिलेंडर भी समय से मिलेंगे। प्रशासन की सक्रियता से किसानों और आम लोगों में भरोसा बढ़ा है और वे अपने काम में पूरे उत्साह के साथ जुटे हुए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

