वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा के आधार पर हम कार्य करते हैं : सुनील आंबेकर

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वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा के आधार पर हम कार्य करते हैं : सुनील आंबेकर


वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा के आधार पर हम कार्य करते हैं : सुनील आंबेकर


सुलतानपुर, 20 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने युवा व्यवसायी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा के आधार पर हम सब कार्य करते हैं। आज हम गर्व से किसी देश में जाकर यह कह सकते हैं कि हमारा देश विश्व कल्याण के लिए कार्य करता है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में युवा व्यवसायी सम्मेलन का मंगलवार को आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि आज हम गर्व से, पूरी बुलंद आवाज में वंदे मातरम और भारत माता की जय बोल सकते हैं। आजादी के समय में वंदे मातरम बोलने पर सजा हो जाती थी और कुछ समय पहले तक लोग बोलने में संकोच करते थे।

युवाओं को महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मी बाई और भगत सिंह जैसे लोगों के बलिदान को भूलना नहीं चाहिए और ऐसे देशभक्त क्रांतिकारियों के मन के भावों को समझना है, तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ना होगा। अपने भारत का इतिहास गर्व करने वाला है। उन्होंने बताया कि अगर किसी पेड़ की सुरक्षा करनी है तो उसे लोहे की फेंसिंग से घेरना होगा परंतु पेड़ की आंतरिक सुरक्षा के लिए उसमें दीमक न लगे, इसके लिए देखभाल करनी होती है । ठीक उसी प्रकार सीमा की सुरक्षा के लिए बीएसएफ के जवान तैनात होते हैं परंतु देश की आंतरिक सुरक्षा सामान्य नागरिकों के ऊपर होती है । उस पर आज कुछ संकट प्रतीत होता है, वह पेड़ को दीमक की तरह देश की आंतरिक सुरक्षा को संकट में डालते हैं । देश के युवाओं को विकास के नाम पर गलत दिशा में ले जाने का प्रयास करते हैं और कहते हैं कि आज के समय में पूजा-पाठ अपनी सनातन संस्कृति सब दिखावा है। ऐसा षड्यंत्र देश के विभिन्न विद्यालयों और विश्वविद्यालय में किया जाता है, अपने देश के युवाओं इस षड्यंत्र को पहचानना है और उन्हें भ्रमित होने से रोकना है।

डॉक्टर हेडगेवार ने 100 वर्ष पहले यह संकल्प लिया था कि युवाओं को देशभक्ति रूपी कार्य के साथ जोड़ना है।

स्वाधीनता के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हजारों युवाओं ने पूरे देश में जाकर जोड़ने का कार्य किया, इसी का परिणाम रहा कि कश्मीर में शांति के साथ 370 धारा को हटाकर लाल चौक पर तिरंगा फहराया गया एवं देश के अन्य क्षेत्र चाहे नॉर्थ ईस्ट के सभी भागों को जोड़ना हो या नक्सलियों के आतंक से शांति स्थापित करना। इन सभी कार्यों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने अहम भूमिका निभाई, इसी का परिणाम है कि देश में हम शांति का अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता सेवा भारती एवं वनवासी क्षेत्र जैसे विभिन्न आयामो में सकारात्मक परिणाम के साथ कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि आज के समय में यह सोचना बहुत आवश्यक है कि अपने करियर को राष्ट्र के हित के साथ कैसे जोड़ सकते हैं। आपका विकास होगा और देश का विकास नहीं होगा तो समस्या आएगी। जाति की भावना से उठकर आगे बढ़ना होगा। यह नया भारत है। हमारी भाषाएं और रहन-सहन अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन हमारे विचार एक हैं। हमें महिलाओं का सम्मान करना होगा। हमारे पूर्वजों ने महिलाओं को जो सम्मान दिया था, हमने उसे थोड़ा कम किया है। अब उसे बदलकर महिलाओं को घर में और बाहर सम्मान एवं सुरक्षा देनी होगी और यही नए भारत की सोच होनी चाहिए। राजनीतिक दलों की सोच बदलने से पहले हमें समाज में परिवर्तन लाना होगा और सकारात्मक परिवर्तन हुए तो राजनीतिक दलों की सोच भी उसी अनुसार बदल जाएगी। कार्यक्रम में डॉ. अरुण कुमार सिंह (विभाग संघचालक), अमरपाल (नगर संघचालक) माैजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विवेक ने की।

कार्यक्रम में काशी प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश , सहप्रांत प्रचारक सुनील , विभाग प्रचारक श्री प्रकाश, सह जिला संचालक अजय गुप्त ,सह नगर संचालक सुदीप पाल , पवनेश , शक्ति , अभिषेक , नीरज , अर्चित , अनूप , शेर बहादुर , मनीष सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

हिन्दुस्थान समाचार / दयाशंकर गुप्त

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