प्रत्येक बच्चे को न्याय तक निःशुल्क पहुंच सुनिश्चित करना हमारा दायित्व : जीवक कुमार सिंह
लखनऊ, 29 जुलाई(हि.स.)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लागू ’चाइल्ड-फ्रेंडली लीगल सर्विसेज फॉर चिल्ड्रेन स्कीम, 2024’ के तहत प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क, सुलभ, सुरक्षित एवं बाल-अनुकूल विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव जीवक कुमार सिंह ने बुधवार काे बताया कि यह योजना 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे के लिए है। इसके अंतर्गत विधि का उल्लंघन करने वाले बालक, देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे, बाल श्रम, मानव तस्करी, दुर्व्यवहार, लैंगिक हिंसा, बाल विवाह, दिव्यांग, अनाथ, परित्यक्त, गुमशुदा तथा अन्य कमजोर एवं संवेदनशील परिस्थितियों में रह रहे बच्चों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रशिक्षित पैनल अधिवक्ताओं, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, पैरा-लीगल वॉलंटियर्स तथा अन्य प्रशिक्षित विधिक कर्मियों के माध्यम से बच्चों को न्यायालयीन कार्यवाही के प्रत्येक चरण में सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही परामर्श, पुनर्वास, मुआवजा, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा आवश्यकतानुसार विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित करने की व्यवस्था भी की गई है।
सिंह ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तालुका विधिक सेवा समितियों, फ्रंट ऑफिस, पुलिस थानों, बाल न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति, बाल देखरेख संस्थाओं, जिला बाल संरक्षण इकाई, वन स्टॉप सेंटर तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक पात्र बच्चे को समयबद्ध एवं प्रभावी विधिक सहायता प्राप्त हो।
उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि किसी बच्चे को विधिक सहायता या संरक्षण की आवश्यकता हो तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ, निकटतम तालुका विधिक सेवा समिति, विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ’बच्चों के लिए विधिक सहायता कोई सुविधा नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक एवं कानूनी अधिकार है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रत्येक बच्चे के न्याय, सुरक्षा, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय

