अभाविप ने नगर खेल कुम्भ का आयोजन कर युवाओं में खेल संस्कृति को दिया बढ़ावा

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अभाविप ने नगर खेल कुम्भ का आयोजन कर युवाओं में खेल संस्कृति को दिया बढ़ावा


अभाविप ने नगर खेल कुम्भ का आयोजन कर युवाओं में खेल संस्कृति को दिया बढ़ावा


अभाविप ने नगर खेल कुम्भ का आयोजन कर युवाओं में खेल संस्कृति को दिया बढ़ावा


गोरखपुर, 03 जनवरी (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, गोरखपुर महानगर के कार्यकर्ताओं द्वारा ‘खेलो भारत’ आयाम के अंतर्गत शनिवार को नगर खेल कुम्भ का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य भारत के ग्रामीण एवं परम्परागत खेलों को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के खेलों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने सहभागिता की। इस अवसर पर ‘खेलो भारत’ आयाम के राष्ट्रीय सह-संयोजक ध्रुव गोस्वामी, जिला युवा कल्याण अधिकारी अमित सिंह, निरीक्षक कैंट संजय सिंह तथा ‘खेलो भारत’ आयाम के प्रांत संयोजक दीपक मद्धेशिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

खेलकुम्भ में कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, दौड़, रस्साकशी सहित अन्य परंपरागत एवं लोकप्रिय खेलों का आयोजन किया गय।, जिसके माध्यम से युवाओं में खेल भावना, टीम वर्क एवं शारीरिक-मानसिक विकास को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। इस आयोजन ने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, अनुशासन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया, साथ ही भारत के ग्रामीण एवं परंपरागत खेलों के संरक्षण और प्रचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जिला युवा कल्याण अधिकारी अमित सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को खेलों से जोड़ना आज की आवश्यकता है। खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करते हैं। ‘खेलो भारत’ आयाम के अंतर्गत आयोजित नगर खेलकुम्भ जैसे कार्यक्रम भारत के परम्परागत खेलों को पुनर्जीवित करने का सराहनीय प्रयास हैं, जो युवाओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखकर सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।

‘खेलो भारत’ आयाम के राष्ट्रीय सह-संयोजक ध्रुव गोस्वामी ने कहा कि: “अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का दृढ़ संकल्प है कि प्रत्येक युवा को शारीरिक, मानसिक और चारित्रिक रूप से सशक्त बनाया जाए। परिषद ‘खेलो भारत’ आयाम के माध्यम से देश के ग्रामीण एवं परंपरागत खेलों को पुनः समाज के केंद्र में लाने का कार्य कर रही है। ऐसे आयोजन न केवल खेलों की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना, सहिष्णुता और नेतृत्व कौशल का विकास भी करते हैं। नगर खेलकुम्भ जैसे कार्यक्रम युवाओं को खेलों से जोड़ते हुए उन्हें स्वस्थ, सक्रिय और राष्ट्रनिर्माण के लिए तत्पर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही, यह पहल देश की परम्परागत खेल विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है।”

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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