नैतिक मूल्यों और राष्ट्रभाव से युवाओं को जोड़ रही है अभाविप : चारु चौधरी
गोरखपुर, 12 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानन्द जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, गोरखपुर महानगर द्वारा गोरखपुर क्लब में युवा शक्ति सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश महिला राज्य आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, मुख्य वक्ता के रूप में अभाविप के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. दिवाकर सिंह, विशिष्ट अतिथि श्रीकांत मिश्रा, कार्यक्रम के अध्यक्ष विनोद सिंह तथा महानगर उपाध्यक्ष डॉ .दीपेंद्र मोहन सिंह और महानगर सह मंत्री प्रशान्त त्रिपाठी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
सम्मेलन का आयोजन युवाओं को स्वामी विवेकानन्द के विचारों से प्रेरित कर राष्ट्रनिर्माण एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में राष्ट्रभक्ति, युवा चेतना और भारतीय मूल्यों की सशक्त झलक देखने को मिली, जिसमें राष्ट्रीय कला मंच की सुश्री आराध्या के नेतृत्व में प्रस्तुत कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को विशेष रूप से आकर्षित किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश महिला राज्य आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि युवा समाज राष्ट्र की सबसे बड़ी सामाजिक पूँजी है। किसी भी देश का भविष्य उसके युवाओं की सोच, चरित्र और दिशा पर निर्भर करता है। यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन, संस्कार, शिक्षा और समुचित अवसर प्रदान किए जाएँ, तो वे न केवल अपने व्यक्तिगत जीवन में प्रगति कर सकते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन के सशक्त वाहक बनकर राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में अभाविप की भूमिका अत्यंत सराहनीय है, जो निरंतर युवाओं को राष्ट्रसेवा, सामाजिक दायित्व और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वामी विवेकानन्द के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्रहित में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता अभाविप के प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. दिवाकर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानन्द के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का सशक्त स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया, जो आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक है। डॉ. दिवाकर सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आत्मनिर्माण को अपना प्रथम लक्ष्य बनाते हुए शिक्षा, चरित्र और कौशल विकास पर ध्यान दें तथा इसके साथ-साथ राष्ट्रनिर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभाएँ। उन्होंने कहा कि जागरूक, मूल्यनिष्ठ और कर्तव्यनिष्ठ युवा ही एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला होते हैं।
कार्यक्रम के अंत में महानगर उपाध्यक्ष डॉ.दीपेंद्र मोहन सिंह ने उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में डॉ. वेद प्रकाश राय, डॉ. हर्षवर्धन सिंह, विभाग संगठन मंत्री राजवर्धन सिंह , सात्विक जायसवाल व बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहें।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

