महर्षि पतंजलि विद्यालय में स्वामी अभेदानंद ने बताए शिक्षण के दिव्य सूत्र

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महर्षि पतंजलि विद्यालय में स्वामी अभेदानंद ने बताए शिक्षण के दिव्य सूत्र


--शिक्षण निःस्वार्थ भाव और पवित्र संकल्प से प्रेरित हों : आचार्य अभेदानंद

प्रयागराज, 13 जनवरी (हि.स.)। महर्षि पतंजलि विद्यालय समूह के तत्वावधान में ’सर्वश्रेष्ठ शिक्षक कौन?’ विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन पतंजलि नर्सरी स्कूल के राधाकृष्ण सभागार में हुआ। मुख्य वक्ता चिन्मय मिशन के दक्षिण अफ्रीका शाखा के आचार्य स्वामी अभेदानंद ने शिक्षा के मानवीय और मनोवैज्ञानिक पक्षों पर महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किये।

आचार्य के अनुसार, एक ’सर्वश्रेष्ठ शिक्षक’ वह है जिसका अंतर्हृदय सहनशीलता, क्षमा, आत्म-नियंत्रण, दूसरों के प्रति प्रशंसा का भाव और इरादों की पवित्रता के भाव से परिपूर्ण हो। ये गुण ही शिक्षकों को इस योग्य बनाते हैं कि वे छात्रों का मार्गदर्शन प्रेम, करुणा और धैर्य के साथ कर सकें। उन्होंने बल दिया कि शिक्षक का व्यवहार ऐसा होना चाहिए जहां अनुशासन में कठोरता के स्थान पर सुधार और अपनत्व का भाव निहित हो। जब शिक्षण निःस्वार्थ भाव और पवित्र संकल्प से प्रेरित होता है, तभी वह केवल ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि चरित्र का निर्माण कर एक मूल्य-आधारित समाज की नींव रखता है।

उन्होंने शिक्षक के अंतर्निहित गुणों की चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि यदि अध्यापक स्वयं ज्ञान के भाव से रिक्त है, तो वह अपने शिष्यों को प्रकाशित नहीं कर सकता। उन्होंने धैर्य को शिक्षक का अनिवार्य आभूषण और क्रोध को सबसे बड़ा शत्रु बताया। उनके अनुसार, एक असंवेदनशील शिक्षक कभी भी श्रेष्ठ मार्गदर्शक नहीं हो सकता। कक्षा में छात्रों की व्यक्तिगत भिन्नताओं और उनकी विविधता को शिक्षक को एक ही समभाव और करुणा से स्वीकार करना चाहिए। अंत में उन्होंने शिक्षकों को ’अन्वेषक’ और सदैव ’जिज्ञासु छात्र’ बने रहने की प्रेरणा दी।

पतंजलि ऋषिकुल के प्रधानाचार्य नित्यानंद सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए स्वामी जी के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सही शिक्षा केवल सम्बंधों और संवाद के माध्यम से ही प्रतिपादित की जा सकती है। महर्षि पतंजलि विद्यालय समूह सदैव शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रकाश स्तम्भ बनकर कार्य करने हेतु संकल्पबद्ध है। ताकि ज्ञान के आलोक से समाज के लिए श्रेष्ठ मानव और उत्तरदायी नागरिक का निर्माण किया जा सके।

इस अवसर पर चिन्मय मिशन प्रयागराज से ब्रह्मचारिणी शाश्वती, महर्षि पतंजलि विद्यालय समूह की सचिव डॉ कृष्णा गुप्ता, कोषाध्यक्ष रवीन्द्र गुप्ता, निदेशक यशोवर्धन गुप्ता एवं रेखा बैद, प्रधानाचार्य नित्यानंद सिंह, प्रधानाचार्या माधुरी श्रीवास्तव एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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