राम मंदिर ट्रस्ट घोटाले की पुरानी एसआईटी रिपोर्ट का 'पन्ना नंबर छह' गायब किया गया : संजय सिंह
लखनऊ, 20 अगस्त (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राम मंदिर ट्रस्ट घोटाले में बड़ा खुलासा किया। उन्होंने पूर्व में गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट का वह 'पन्ना नंबर छह' सार्वजनिक किया, जिसे अब तक दबाया गया था।
संजय सिंह ने कहा कि जहां एक ओर 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने जांच में देरी पर नाराजगी जताते हुए एसआईटी से 'स्टेटस रिपोर्ट' मांगी है, वहीं उसी दिन अखबारों में आरोपियों को 'क्लीन चिट' मिलने की खबरें प्लांट की गईं। उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी का अपमान और दोषियों को बचाने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया। सांसद ने वर्तमान एसआईटी अध्यक्ष किरन एस. को पत्र लिखकर 26 अहम दस्तावेज सौंपने के लिए मिलने का समय मांगा है।
संजय सिंह ने एसआईटी रिपोर्ट की कॉपी दिखाते हुए कहा कि विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली एसआईटी रिपोर्ट से पन्ना नंबर छह गायब कर दिया गया था, जो अब मिल गया है। इस पन्ने में साफ लिखा है कि डॉ. अनिल मिश्रा ने बैंक के साथ तय नियमों (एसओपी) को शिथिल किया, जिसके कारण मंदिर में चोरी और गबन की परिस्थितियां उत्पन्न हुईं। रिपोर्ट के मुताबिक 40 दिन में 70 बार चोरी हुई और 81 लाख रुपये की बरामदगी हुई। जब रिपोर्ट सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदार मानती है, तो चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट कैसे दी जा सकती है?
भ्रष्टाचार के प्रारूप समझाते हुए संजय सिंह ने कहा कि यह घोटाला सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं है। चंदे और चढ़ावे की चोरी के साथ-साथ भगवान के आभूषणों का गबन हुआ है। उन्होंने इंजीनियर दीनानाथ वर्मा के हवाले से आरोप लगाया कि अनिल मिश्रा निर्माण कार्यों में 40-40% कमीशन लेते थे। सांसद ने सवाल उठाया कि जो लोग प्रभु श्री राम के मंदिर के नाम पर आए पैसे में भी भ्रष्टाचार कर रहे हैं, उनके खिलाफ योगी और मोदी सरकार सख्त कार्रवाई करने के बजाय उन्हें 'क्लीन चिट' का कवच क्यों दे रही है?
सांसद ने बताया कि उन्होंने वर्तमान एसआईटी अध्यक्ष किरन एस. को ईमेल भेजकर मिलने का समय मांगा है। वे पूर्व में दिए गए 13 दस्तावेजों के अलावा 13 नए (कुल 26) दस्तावेज सौंपना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एसआईटी ने इन पुख्ता सुबूतों के आधार पर निष्पक्ष जाँच नहीं की, तो वे खुद सारे कागजात लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएँगे।
शिक्षा विरोधी है भाजपा
जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई और स्कूलों की बदहाली पर तंज कसते हुए संजय सिंह ने कहा कि भाजपा का असली नारा अनपढ़ रहेगा इंडिया, तभी तो अंधभक्त बनेगा इंडिया है। प्रदेश में एक लाख से ज्यादा सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए, कहीं बिजली नहीं है तो कहीं टॉयलेट नहीं।
हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

