वाराणसी क्लस्टर में कुल 27.3 लाख स्मार्ट मीटर लगेंगे, नहीं देना होगा कोई अतिरिक्त शुल्क

वाराणसी क्लस्टर में कुल 27.3 लाख स्मार्ट मीटर लगेंगे, नहीं देना होगा कोई अतिरिक्त शुल्क
वाराणसी क्लस्टर में कुल 27.3 लाख स्मार्ट मीटर लगेंगे, नहीं देना होगा कोई अतिरिक्त शुल्क


-बिजली बिल सम्बन्धित नहीं होगी कोई समस्या, उपभोक्ता अपने बिजली के खपत की निगरानी कर सकेंगे, मोबाइल की तरह रिचार्ज होंगे स्मार्ट मीटर

वाराणसी, 11 जून (हि.स.)। स्मार्ट मीटिरिंग प्रोजेक्ट के वाराणसी क्लस्टर के अन्तर्गत वाराणसी, गाजीपुर, चन्दौली, जौनपुर, आजमगढ़, बलिया एवं मऊ जनपद में कुल 27.3 लाख स्मार्ट मीटर लगेंगे। उपभोक्ताओं के घर, वितरण परिवर्तकों एवं फीडरों पर स्मार्ट मीटर स्थापित होंगे। डिस्कॉम इसके लिए उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर लगाने का कोई शुल्क नहीं लेगा। इसको लेकर मंगलवार को वाराणसी परिक्षेत्र के कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने बैठक की। बैठक में स्मार्ट मीटिरिंग प्रोजेक्ट के सर्विस प्रोवाइडर मेसर्स जी०एम०आर० काशी स्मार्ट मीटर्स लिमिटेड ने वाराणसी क्लस्टर प्रोजेक्ट के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण दिया। इसके बाद कंपनी के अफसरों ने इस प्रोजेक्ट एवं तकनीक, प्रोजेक्ट के अन्तर्गत अब तक किये गये कार्य, स्मार्ट मीटर के लाभ, स्मार्ट मीटर के बारे में भ्रांतियां पर चर्चा की।

अफसरों ने बताया कि स्मार्ट मीटर विद्युत उपयोग को रिकॉर्ड करने मीटर सम्बन्धित सूचना दूरस्थ स्थान तक पहुंचाने एवं दूरस्थ स्थान से विद्युत आपूर्ति को नियंत्रित करने की सुविधा प्रदान करता है। स्मार्ट मीटर बिजली खपत को सटीकता से मापने में सक्षम है। जिससे उपभोक्ताओं को उनके वास्तविक खपत के आधार पर बिल प्राप्त होंगे। स्मार्ट मीटर में रियल टाइम डेटा उपलब्ध कराने की सुविधा होने के कारण उपभोक्ता अपने बिजली के खपत को मॉनिटर कर सकते हैं एवं अनावश्यक खर्च को कम कर सकते हैं। जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आ सकती है। स्मार्ट मीटर में दूरस्थ स्थान से सूचना प्राप्त करने की सुविधा होने के कारण बिजली कटौती एवं पुनर्स्थापना की सेवाओं को स्वचलित किया जायेगा। जिससे समय व संसाधन की बचत होगी एवं उपभोक्ता सेवाएं बेहतर होंगी।

बताया गया कि स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट के वाराणसी क्लस्टर के अन्तर्गत स्मार्ट मीटर लगाने के लिए अब तक 5,15,122 उपभोक्ताओं, 29,366 वितरण परिवर्तकों एवं 1477 फीडरों का सर्वे पूर्ण कर लिया गया। सर्वे के लिए जीएमआर एजेंसी प्रत्येक उपभोक्ता का घर-घर जाकर सर्वे कर रही है। सर्वे से प्राप्त डेटा की त्रि-स्तरीय तकनीकी गुणवत्ता जांच की जा रही है। जांच के उपरान्त डेटा सही पाये जाने पर स्मार्ट मीटर की स्थापना की जा रही है।

कमिश्नर ने परियोजना की सराहना कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह योजना उपभोक्ताओं के लिए अत्यन्त लाभकारी सिद्ध होगी और विद्युत वितरण क्षेत्र में उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

बैठक में वाराणसी जिलाधिकारी एस० राजलिंगम, जेसीपी के. एजिलरसन,प्रबन्ध निदेशक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड शम्भु कुमार,सीडीओ हिंमाशु नागपाल, निदेशक तकनीकी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड जितेन्द्र नलवाया, निदेशक वित पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड संतोष कुमार जाडिया, अरविन्द कुमार सिंघल, मुख्य अभियन्ता, वाराणसी - प्रथम आदि की भी उपस्थिति रही।

हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/आकाश

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