ऋषि बामदेव की तपोभूमि से गूंजा सामाजिक समरसता का शंखनाद

WhatsApp Channel Join Now
ऋषि बामदेव की तपोभूमि से गूंजा सामाजिक समरसता का शंखनाद


समाजसेवी प्रवीण सिंह के संयोजन में लाखों श्रद्धालुओं ने श्रवण की श्री हनुमंत कथा

बांदा, 16 जनवरी(हि.स.)।, उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में ऋषि बामदेव की पावन तपोभूमि पर स्थित मवई बाईपास चौराहे शुक्रवार को आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता का एक ऐतिहासिक दृश्य साकार हुआ, जब बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के श्रीमुख से भव्य श्री हनुमंत कथा का शुभारंभ हुआ। 100 बीघे से अधिक क्षेत्रफल में फैला विशाल कथा परिसर पहले ही दिन श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ के सामने छोटा पड़ गया। चारों ओर भक्ति, आस्था और सनातन चेतना का महासागर उमड़ पड़ा, जिससे पूरा क्षेत्र किसी महाकुंभ जैसा प्रतीत हुआ।

कथा के समापन अवसर पर सामाजिक समरसता का एक अत्यंत भावुक और गौरवमयी दृश्य देखने को मिला, जब वाल्मीकि समाज के बंधुओं ने स्वयं आगे बढ़कर महाराज जी की आरती उतारी। इस प्रेरक क्षण ने समाज में एकता, समानता और भाईचारे का सशक्त संदेश देते हुए समूचे वातावरण को भावविभोर कर दिया। इस दिव्य अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक श्रीराम, उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, विभाग प्रचारक ऋतुराज, विभाग कार्यवाह संजय सिंह, जिला प्रचारक अनुराग, जिला संघचालक सुरेन्द्र पाठक, नगर प्रचारक ओम, पूर्व सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा, पूर्व चेयरमैन राजकुमार राज, पूर्व चेयरमैन विनोद जैन, जिला शासकीय अधिवक्ता रामसुफल सिंह सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं समाज के विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

समाजसेवी प्रवीण सिंह के आत्मीय संयोजन, कुशल नेतृत्व और सूक्ष्म प्रबंधन में आयोजित इस विराट आध्यात्मिक आयोजन में व्यवस्थाएं अत्यंत सुव्यवस्थित रहीं। एक समर्पित सेवाभावी कार्यकर्ता की भांति उन्होंने लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा, जिससे भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़ा। कथा के शुभारंभ से पूर्व महाराज ने पत्रकारों से संवाद कर आयोजन के उद्देश्यों को साझा किया। इसके उपरांत व्यासपीठ से विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से नशा, व्यसन एवं सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर धर्म, संस्कृति और राष्ट्रसेवा के पथ पर अग्रसर होने का प्रेरक संदेश दिया।

मवई बाईपास पर उमड़ा यह अपार जनसैलाब और समाजसेवी प्रवीण सिंह के निस्वार्थ सेवाभावी प्रयास इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि सनातन संस्कृति के प्रति जनमानस की आस्था निरंतर सुदृढ़ हो रही है और समाज आध्यात्मिक मूल्यों के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्‍द्र पाण्डेय

Share this story