रामचरित मानस पर दिये गए बयान को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्या के खिलाफ विरोध तेज



कानपुर, 24 जनवरी (हि.स.)। रामचरित मानस पर बयान देने वाले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या का कानपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में विरोध तेज हो गया है। स्वामी के खिलाफ कानपुर में विभिन्न संगठनों कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को पुलिस कमिश्नर को ग्यारह ज्ञापन दिया। इसी कड़ी में श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष ने स्वामी प्रसाद मौर्य का मुंह काला करने के लिए एक लाख इनाम घोषित किया है। वह ज्ञापन के साथ एक लाख का चेक लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय भी गए।

ज्ञापन देने वाले सभी लोगों ने कहा कि मौर्या ने धार्मिक भावनाएं आहत की हैंं राम हमारे आराध्य हैं। उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करके विधिक कार्रवाई की जाय। कानपुर के श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष सर्वेश शुक्ला ने कहा कि जो भी स्वामी प्रसाद मौर्या के चेहरे पर कालिख पोतेगा, उसे एक लाख रुपये का नगद इनाम समिति की तरफ से दिया जाएगा।

भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अंकित गुप्ता ने भी ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंप कर स्वामी प्रसाद मौर्या पर कार्रवाई की मांग की है। अंकित ने मांग करते हुए कहा कि हिंदू समाज में रामचरित मानस पूजनीय ग्रंथ है। इसका अपमान हम नहीं सहेंगे। उनके द्वारा दिए गए बयान से हिंदुओं में आक्रोश है।

नियमानुसार स्वामी प्रसाद मौर्या के खिलाफ होगी कार्रवाई

संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि ज्ञापनों के माध्यम से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। सभी ने एक सुर में उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा है कि रामचरितमानस में दलितों और महिलाओं का अपमान

बता दें कि सोशल मीडिया में वायरल हो रहे मौर्या का बयान है कि रामचरितमानस में दलितों और महिलाओं का अपमान किया गया है। तुलसीदास ने इसे अपनी खुशी के लिए लिखा था। करोड़ों लोग इसे नहीं पढ़ते। उन्होंने सरकार से इस पर प्रतिबंध तक लगाने की मांग तक कर दी। मौर्या ने रामचरितमानस को बकवास बताते हुए इसकी कुछ चौपाइयां हटवाने की मांग की थी।

हिन्दुस्थान समाचार/राम बहादुर

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