जीवन में भगवत कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं: योगेश महाराज

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प्रतापगढ़, 25 नवम्बर (हि. स.)। प्रतापगढ़ जिले के लालगंज थान क्षेत्र के बरीबोझ गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को कथावाचक योगेश महाराज करपात्री धाम ने कहा कि भागवत कथा श्रवण मात्र से पाप से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा जिस स्थान पर कथा होती है वहां भगवान विराजमान होते हैं। भगवन नाम के जाप से सारे विपत्ति नाश हो जाते हैं। इस जगत में भगवत कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है। मनुष्य को समाज में अच्छे काम करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है की कर्म ही प्रधान है, बिना कर्म कुछ संभव नहीं होता है, जो मनुष्य अच्छा व सत्कर्म करता है उसे अच्छा फल मिलता है व बुरे कर्म करने वाले को हमेशा बुरा फल मिलता है।

इसलिए सभी को अच्छे कर्मो के प्रति आकृष्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक मार्ग दमन का है तो दूसरा उदारीकरण का। दोनों ही मार्गो में अधोगामी वृत्तियां निषेध हैं। जैसे कि गोकर्ण ने कथा कही, किन्तु उसके दुराचारी भाई धुंधकारी ने मनोयोग से उसे सुना तो मोक्ष प्राप्त हो गया। भागवत कथा एक ऐसा अमृत है कि इसका जितना भी पान किया जाए आत्मा तृप्ति नहीं होती है। भागवत कथा सुनते ही ज्ञान और वैराग्य जाग जाए।

कथा व्यास योगेश महाराज ने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं। लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। कथा व्यास ने पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को बड़े ही सुंदर ढंग से दर्शाया। कहा कि महाराज परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो जाते हैं। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव जी के पास जाते हैं। भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है।

कथा व्यास ने कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने सूर्यदेव की उपासना कर अक्षयपात्र की प्राप्ति किया। हमारे पूर्वजों ने सदैव पृथ्वी का पूजन व रक्षण किया। इसके बदले प्रकृति ने मानव का रक्षण किया। भागवत के श्रोता के अंदर जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए। परमात्मा दिखाई नहीं देता है वह हर किसी में बसता है।

धर्मेन्द्र पप्पू तिवारी के संयोजन में मुख्य यजमान जगत पाल तिवारी व शिवकली देवी भक्ति में लीन रहे।

कथा का संचालन अधिवक्ता दीपेन्द्र तिवारी ने किया। इस मौके पर आचार्य श्री चक्रधर जी महाराज, आचार्य धीरेन्द्र तिवारी,अनिल तिवारी,सुन्दर लाल मिश्रा, पिंटू मिश्रा, रामचन्द्र तिवारी,वीरेन्द्र तिवारी,देवेन्द्र तिवारी,, जयप्रकाश दूबे सहित सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/दीपेन्द्र

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