स्कूली बच्चों को दिखाए गए उत्खनन में प्राप्त पुरावशेष

स्कूली बच्चों को दिखाए गए उत्खनन में प्राप्त पुरावशेष


स्कूली बच्चों को दिखाए गए उत्खनन में प्राप्त पुरावशेष


- उत्तर प्रदेश के पुरातत्व विभाग की ओर से विश्व धरोहर सप्ताह पर हुआ कार्यक्रम

लखनऊ, 25 नवम्बर (हि.स़.)। विश्व धरोहर सप्ताह के अवसर पर उत्तर प्रदेश के पुरातत्व विभाग की ओर से शुक्रवार को अंतिम दिन छतर मंजिल का भ्रमण कराया गया। उत्खनन में प्राप्त पुरावशेषों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके अलावा चल रही दो दिवसीय कार्यशाला का समापन भी हुआ। इस अवसर पर पिछले 15 अगस्त को हुई फोटोग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया।

निदेशालय की ओर से स्मारकों का संरक्षण एवं पुरावशेषों का अध्ययन विषयक दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। पिछले 15 अगस्त को राज्य सरंक्षित स्मारकों पर आधारित फोटोग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में वाराणसी के रजनीकांत मिश्रा को प्रथम पुरस्कार, नईदिल्ली की गार्गी को द्वितीय पुरस्कार व अरविंद कुमार को तृतीय पुरस्कार दिए गए।

इसके अलावा दो सांत्वना पुरस्कार क्रमशः कानपुर के लखन आहूजा कानपुर एवं वाराणसी राजन शर्मा को दिए गए। प्रतिभागियों को समारोह के मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रा.भा. इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के प्रो. प्रशांत श्रीवास्तव पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

इससे पुरातत्व विभाग की निदेशक रेनू द्विवेदी ने मुख्य अतिथि प्रो. प्रशांत श्रीवास्तव एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. एस.एन. उपाध्याय एवं पूर्व प्रोफेसर डॉ. अमर सिंह को पुष्पगुच्छ प्रदान कर उनका स्वागत किया।

कार्यशाला के दूसरे दिन जाजमऊ, लहुरादेवा एवं हुलासखेड़ा के पुरातात्विक उत्खनन से प्राप्त पुरावशेषों को प्रदर्शित कर उपस्थित बच्चों को विभाग के उत्खनन एवं अन्वेषण अधिकारी राम विनय एवं सहायक पुरातत्व अधिकारी नरसिंह त्यागी ने परिचित कराया। पुरावशेषों के संरक्षण एवं परिरक्षण पर धर्मेन्द्र मिश्रा, निदेशक, इंटैक कंजर्वेशन लखनऊ ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत की।

हिन्दुस्थान समाचार/ शैलेंद्र मिश्रा

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