उत्तर प्रदेश में इमरजेंसी सेवाओं के लिए विकसित होंगे अतिरिक्त पांच हजार बेड

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उत्तर प्रदेश में इमरजेंसी सेवाओं के लिए विकसित होंगे अतिरिक्त पांच हजार बेड


उत्तर प्रदेश में इमरजेंसी सेवाओं के लिए विकसित होंगे अतिरिक्त पांच हजार बेड


प्रत्येक नागरिक को आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य: ब्रजेश पाठक

लखनऊ, 17 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। दुर्घटनाओं और आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आने वाले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश में ट्रॉमा और इमरजेंसी सेवाओं के लिए लगभग पांच हजार अतिरिक्त बेड विकसित किए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार काे यहां किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में

आयाेजित एक कार्यशाला काे संबाेधित कर रहे थे। यह कार्यशाला उत्तर प्रदेश में ट्रॉमा, इमरजेंसी और बर्न केयर सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ने आयोजित की थी। इस माैके पर उपमुख्यमंत्री पाठक ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समय पर और बेहतर आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों। उन्होंने नए स्पेशलिटी डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे मरीजों को केवल 'केस' के रूप में न देखें, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनशीलता के साथ मरीजों की सेवा करें।

इस अवसर पर राज्य मंत्री चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ट्रॉमा और इमरजेंसी सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में केंद्र सरकार के नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) प्रो. (डॉ.) वीके पॉल ने राष्ट्रीय स्तर पर ट्रॉमा और इमरजेंसी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए चल रही पहलों और भविष्य की रणनीतियों पर प्रकाश डालते हुए प्रदेश सरकार प्रस्तावित कार्ययोजना की सराहना की।

अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने राज्य में ट्रॉमा नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने की दिशा में विभाग की योजनाओं और नीतिगत पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में ट्रॉमा और इमरजेंसी सेवाओं का राज्यव्यापी नेटवर्क तथा ट्रॉमा, इमरजेंसी और बर्न केयर सेवाओं का एकीकृत मॉडल विकसित करना है।

इस अवसर पर केजीएमयू के कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद, चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक सारिका मोहन, विशेष सचिव कृतिका सिंह, विशेष सचिव नीलम यादव, उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. एलडी मिश्रा, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार, केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेम राज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह जी, डॉ. केके सिंह समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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