गंगा नदी में छोड़ी गई 25 हजार मत्स्य अंगुलिकाएं

गंगा नदी में छोड़ी गई 25 हजार मत्स्य अंगुलिकाएं
गंगा नदी में छोड़ी गई 25 हजार मत्स्य अंगुलिकाएं


- गंगा नदी की मत्स्य विविधता पुनर्स्थापित एवं संवर्धित करने का प्रयास

मीरजापुर, 15 मई (हि.स.)। नगर के नारघाट स्थित गंगा नदी के किनारे राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत जनजागरुकता के साथ बुधवार को रैंचिंग कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। गंगा नदी की जैव विविधता को सुरक्षित और संरक्षित करने के लिए 25 हजार कार्प मछलियों के छोटे बच्चों (मत्स्य अंगुलिका) को नदी में छोड़ा गया। साथ ही लोगों से गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प दिलाया।

नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत केंद्रीय अन्तर्स्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सिफरी) के केंद्राध्यक्ष डा. डीएन झा ने बताया कि भारतीय प्रमुख कार्प कतला, रोहू, मृगल मछलियों के बड़े अंगुलिकाओं को नदी में छोड़ा गया। इससे गंगा नदी की मत्स्य विविधता पुनर्स्थापित एवं संवर्धित होगी। गंगा एवं इसकी सहायक नदियों में कम हो रहे महत्वपूर्ण मत्स्य प्रजातियों के बीज का रैंचिंग किया गया। लोगों को गंगा के जैव विविधता और स्वच्छता के बारे में बताया गया। मत्स्य विकास अधिकारी नवीन मिश्र ने गंगा की मत्स्य विविधता और उसके संरक्षण के उपाय के बारे में बताया। वैज्ञानिक डा. अबसार आलम ने गंगा के स्वच्छता के लिए किए जाने वाले कार्य एवं सावधानियों की जानकारी दी।

हिन्दुस्थान समाचार/गिरजा शंकर/बृजनंदन

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