यूपी के 17 गैरहाजिर डॉक्टर होंगे बर्खास्त
लखनऊ, 12 जनवरी (हि.स.)। यूपी के 17 लापरवाह डॉक्टरों पर गाज गिरनी तय हो गई है। यह डॉक्टर लम्बे समय से गैरहाजिर चल रहे थे। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को गायब डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि गैरहाजिर डॉक्टरों से विभाग के अफसरों ने सम्पर्क करने की कोशिश की लेकिन मुकम्मल जवाब नहीं मिला। अनुशासनहीनता को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लिहाजा इन डॉक्टरों को बर्खास्त करने का फैसला किया गया है।
--इन पर कार्रवाई के निर्देश
कानपुर देहात के बनीपारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के डॉ. महेन्द्र सिंह, बरेली सीएमओ के अधीन डॉ. विनय कुमार, औरैया अजीत मल्ल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) डॉ. शालिनी, डॉ. प्रभा पाल, अछल्दा घसारा पीएचसी डॉ. अजय राजपूत, गूरा बिधूना पीएचसी के डॉ. आलोक कुमार, राजकीय चिकित्सालय डॉ. प्रदीप कुमार, वाराणसी सीएमओ कार्यालय के अधीन स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योत्सना पांडेय और प्रयागराज के सैदाबाद सीएचसी डॉ. रेखा देवी को बर्खास्त करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव को दिया गया।
ब्रजेश पाठक ने बताया कि सहारनपुर कैलाशपुर पीएचसी के डॉ. अमित कुमार, अलीगढ़ जवां सीएचसी के डॉ. अन्दलीव रुवाब शुयेब, प्रयागराज राम नगर सीएचसी के डॉ. विजय कुमार गुप्ता, झांसी बबीना पीएचसी के डॉ. अजय विक्रम सिंह, बाराबंकी जैदपुर सीएचसी के डॉ. बेनजीर, सुल्तानपुर जयसिंहपुर सीएचसी डॉ. जगराम वर्मा, सुल्तानपुर अखंडनगर पीएचसी के डॉ. सत्यनाम कुमार भारतीय और बरेली मीरगंज सीएचसी के डॉ. सुधाकर पांडेय को बर्खास्त करने के लिए अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं।
--मरीजों से अभद्रता पर चार डॉक्टर नपे
मरीजों से अभद्रता के आरोप में चार डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। शिकायत के बाद चारों आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ जांच कराई गई। इसके बाद चारों डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश अपर मुख्य सचिव को दिए गए हैं। इनमें लखनऊ के रामसागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय की डॉ. नेहा सिंह (सेठिया), महराजगंज जिला संयुक्त चिकित्सालय की डॉ. शालिनी वर्मा, मथुरा फरह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की डॉ. अंजलि वर्मन, मथुरा फरह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राम गोपाल अधीक्षक शामिल हैं।
--विभागीय कार्रवाई के निर्देश
कानपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज से जालौन राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्थानान्तरण होने के बावजूद नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण न किये जाने को शासन ने गंभीरता से लिया है। अनुशासनहीनता पर जनरल सर्जरी विभाग के आचार्य डॉ. गजेन्द्र सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही किये जाने के निर्देश चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को दिए हैं। वहीं राज्य एड्स कन्ट्रोल सोसायटी में पिछले नौ वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चित्रा सुरेश तैनात हैं। नियम विरुद्ध तरीके से प्रतिनियुक्ति की तैनाती को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
--चार डॉक्टरों से जवाब तलब, तीन को चेतावनी
लखनऊ के बीकेटी साढ़ामऊ राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय अधीन जानकीपुरम के ट्रॉमा सेंटर में तैनात चार डॉक्टरों पर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इन डॉक्टरों पर चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही के आरोप हैं। इन में डॉ. अजीत सिंह, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. महेन्द्र कुमार, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. मोहम्मद तहसीन शामिल हैं। वहीं चिकित्सीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पर तीन डॉक्टरों को चेतावनी दी गई है। इसमें गोरखपुर पिपरौली सीएचसी की डॉ. नीतू कुमारी, फिरोजाबाद जाटऊ सीएचसी के डॉ. अमित जिन्दल और बलिया जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनुराग सिंह शामिल हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

