कचहरी बम ब्लास्ट की 15वीं बरसी : अधिवक्ताओं ने मारे गये साथियों को दी श्रद्धांजलि

कचहरी बम ब्लास्ट की 15वीं बरसी : अधिवक्ताओं ने मारे गये साथियों को दी श्रद्धांजलि


- खौफनाक मंजर को याद किया, सिविल कोर्ट की सुरक्षा को लेकर उठाया सवाल

वाराणसी, 23 नवम्बर (हि.स.)। कचहरी बम ब्लास्ट की 15वीं बरसी पर बुधवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रह आतंकी घटना में मारे गये तीन साथी अधिवक्तों को याद किया। इस दौरान शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि सभा में तीनों साथियों को नमन कर कैंडिल जलाकर श्रद्धांजलि दी गई।

उल्लेखनीय है कि 23 नवंबर 2007 को लखनऊ और फैजाबाद (अब अयोध्या) के अलावा वाराणसी की सिविल कोर्ट में सीरियल बम ब्लास्ट हुआ था। वाराणसी में उस दिन दोपहर में सिविल कोर्ट व कलक्ट्रेट में दो स्थानों पर हुई आतंकी विस्फोट में तीन अधिवक्ता समेत नौ लोगों की मौत हो गई थी। ब्लास्ट में अधिवक्ता भोलानाथ सिंह, ब्रह्मदेव शर्मा, बुधिराम वर्मा, एक दुकानदार, एक मुंशी, पॉलिश करने वाले बच्चे समेत नौ लोगों के चिथड़े उड़ गए थे।

अधिवक्ताओं का कहना है कि घटना के डेढ़ दशक बाद भी अधिवक्ताओं को न्याय नहीं मिल पाया। उस बम धमाके में अधिवक्ता वशिष्ठ नारायण मिश्र समेत कई अधिवक्ता अपंग हो गए और 50 से अधिक घायल हुए थे। उस खौफनाक मंजर को याद कर आज भी लोग सहम उठते हैं। अधिवक्ताओं के अनुसार बम विस्फोट में घायलों के घर और जमीन इलाज कराने में बिक गए। पीड़ितों की मदद की तमाम घोषणाएं हुईं लेकिन समय बीतने के साथ घोषणाएं सिर्फ कागजी रह गईं।

अधिवक्ताओं का आरोप है कि इस घटना के बाद मुंबई और अमेरिका में हुए ब्लास्ट के अभियुक्तों को फांसी तक दे गई। लेकिन इतने बड़े आतंकी घटना पर वाराणसी में अब तक कुछ ठोस नहीं हो सका। आज भी कचहरी परिसर की सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था नहीं है।

बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री अधिवक्ता नित्यानंद राय ने कहा कि कचहरी में सीरियल ब्लास्ट के बाद अप्रैल 2016 में कचहरी परिसर में हैंडग्रेनेड मिला। फरवरी 2018 में असामाजिक तत्वों द्वारा सीजेएम गेट पर सुतली बम रखा गया। यह घटनाएं स्पष्ट करती हैं कि सिविल कोर्ट की सुरक्षा को लेकर आज भी लापरवाही बरती जा रही है।

तत्कालीन विधायक अजय राय गवाही देने कचहरी आये हुए थे

23 नवंबर 2007 को जिस समय वाराणसी कचहरी में बम ब्लास्ट हुआ था उस दौरान तत्कालीन विधायक अजय राय अपने बड़े भाई अवधेश राय की हत्या के केस में गवाही देने कचहरी आए थे। पहले लोगों को लगा था कि अजय राय को लक्ष्य कर मऊ के तत्कालीन बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी ने बम से हमला कराया है। मगर, थोड़ी ही देर में स्पष्ट हो गया था कि यह आतंकी विस्फोट है।

हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर

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