तेंदुए के हमले में 14 वर्षीय किशोर की मौत, वन विभाग की सुस्ती पर भड़के ग्रामीण

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तेंदुए के हमले में 14 वर्षीय किशोर की मौत, वन विभाग की सुस्ती पर भड़के ग्रामीण


लखीमपुर खीरी, 04 मई (हि.स.)। जनपद के भीरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रामनगर कलां गांव में सोमवार को उस वक्त कोहराम मच गया, जब एक आदमखोर तेंदुए ने 14 वर्षीय किशोर पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल किशोर ने इलाज के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिजुआ में दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम रामनगर कलां निवासी शेषपाल कश्यप का 14 वर्षीय पुत्र संदीप कुमार कश्यप सोमवार दोपहर नदी किनारे मवेशियों के लिए चारा लेने गया था। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। संदीप की चीख-पुकार सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े। ग्रामीणों की घेराबंदी देख तेंदुआ किशोर को लहूलुहान हालत में छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।

--सीएचसी में तोड़ा दम, परिजनों का बुरा हाल

परिजनों और ग्रामीणों की मदद से घायल संदीप को तत्काल बिजुआ सीएचसी ले जाया गया। लेकिन घाव गहरे होने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। किशोर के मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंचे पूर्व विधायक विनय तिवारी ने शोकाकुल परिवार को ढांढ़स बंधाया और प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की।

--सीमा विवाद में उलझा विभाग, ग्रामीणों ने घेरा

ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तेंदुए की चहलकदमी देखी जा रही थी, जिसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। घटना के बाद भीरा रेंजर वी.पी. सिंह ने बयान दिया कि घटनास्थल तीन वन रेंजों की सीमा पर है, जिसे पहले 'कन्फर्म' किया जाएगा। विभाग के इस ढुलमुल रवैये पर ग्रामीणों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

मौके पर पहुंचे भीरा थानाध्यक्ष रोहित दुबे और बिजुआ चौकी इंचार्ज सुशील तिवारी ने स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित परिवार को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं लगाया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / देवनन्दन श्रीवास्तव

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