135 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, शिक्षा में हर संभव सहयोग का संकल्प

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135 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, शिक्षा में हर संभव सहयोग का संकल्प


135 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, शिक्षा में हर संभव सहयोग का संकल्प


कानपुर, 07 जून (हि.स.)। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 135 मेधावी विद्यार्थियों को रविवार को सम्मानित किया गया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में समाज कल्याण सेवा समिति द्वारा आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में छात्रों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और सम्मान देकर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई। कार्यक्रम में शिक्षा के महत्व, सामाजिक जागरूकता और देहदान जैसे मानवीय विषयों पर भी चर्चा की गई।

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति की सबसे मजबूत नींव होती है। मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान करने का उद्देश्य अन्य छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं।

कार्यक्रम आयोजक धनीराम पैंथर ने कहा कि समाज कल्याण सेवा समिति लगातार शिक्षा, सामाजिक उत्थान और जनजागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 135 ऐसे विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया है जिन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यदि भविष्य में किसी भी छात्र की शिक्षा आर्थिक या अन्य कारणों से प्रभावित होती है तो संस्था उसके सहयोग के लिए आगे आएगी। संस्था ने विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा में हरसंभव मदद करने का संकल्प लिया है।

भारतीय दलित पैंथर कानपुर नगर के जिलाध्यक्ष हरिओम खन्ना ने कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षक और प्रशासक बनेंगे, इसलिए समाज का दायित्व है कि उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता मिलने के बाद भी विनम्रता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका की भी सराहना की, जिनके मार्गदर्शन से विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन कर पाए।

कार्यक्रम के दौरान मानवता के लिए समर्पित देहदान अभियान भी चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत 45 लोगों ने मृत्यु उपरांत अपने शरीर को चिकित्सा शिक्षा और शोध कार्यों के लिए दान करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि देहदान चिकित्सा विज्ञान के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है और इससे भविष्य के चिकित्सकों को बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त होता है।

समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मेधावी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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